हजारों सरकारी स्कूल बंद करने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग , नीट पेपर लीक पर फूटा गुस्सा, एनटीए खत्म करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

हजारों सरकारी स्कूल बंद करने के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग
नीट पेपर लीक पर फूटा गुस्सा, एनटीए खत्म करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने की आशंका नीट पेपर लीक मामले और एनटीए को समाप्त करने की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में स्कूल बचाओ संघर्ष समिति और मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट एमएयू के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था को बचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए स्कूल बचाओ संघर्ष समिति भोपाल की सदस्या अंबिका ने कहा कि यदि सरकारी स्कूल बंद किए गए तो बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को निजी हाथों में सौंपकर मुनाफे का माध्यम बनाया जा रहा है जिससे गरीब और ग्रामीण तबके के बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
एमएयू भोपाल के सदस्य सोनू सेन ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच के नाम पर पहले भी दोषियों को बचाया जाता रहा है जिसके कारण लगातार दूसरी बार नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक हुआ प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।वरिष्ठ समाजसेवी शशिभूषण यादव ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यह केवल स्कूल बचाने की लड़ाई नहीं बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखने का आंदोलन है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के जिलों में स्कूल बचाओ अभियान के तहत प्रदर्शन किए जा रहे हैं और गांव गांव जाकर जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।







