भोपाल नगर निगम परिषद में पार्षद निधि और उद्यानिकी खर्च पर हुई बहस

भोपाल नगर निगम परिषद में पार्षद निधि और उद्यानिकी खर्च पर हुई बहस
यश भारत भोपाल। नगर निगम परिषद की बैठक में पार्षद निधि और उद्यानिकी विभाग की खरीद पर गुरुवार को बहस हुई। चौथे प्रश्न में कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने अपनी पार्षद निधि न मिलने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि उनकी निधि कहां है। इस पर एमआईसी मेंबर अशोक वाणी ने वार्ड से मिले टैक्स और निधि के विवरण की जानकारी दी, लेकिन गफूर ने जवाब पर आपत्ति जताई और कहा कि वार्ड के विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे रवैये से पार्षद वार्ड में विकास कार्य कैसे करवा पाएंगे। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इस पर विस्तृत चर्चा करने का आश्वासन दिया।
बैठक में नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने पार्षद निधि से जुड़े सर्वे में आई विसंगतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सर्वे की रिपोर्टों में समग्र आईडी 39 लाख और 28 लाख दर्ज हुई थी, जो दोनों ही सही नहीं हैं। इसलिए सर्वे को दोबारा कराया जा रहा है और गलत आईडी हटाई जा रही हैं।
इसके अलावा उद्यानिकी विभाग की खरीदी को लेकर भी सवाल उठे। कांग्रेस पार्षद शमीम ने कोटेशन के आधार पर किए गए कार्यों पर सवाल किया। एमआईसी मेंबर वाणी ने बताया कि फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से उद्यानिकी विभाग के काम कोटेशन के आधार पर कराए गए हैं। हालांकि, लगातार रोक-टोक पर बीजेपी पार्षदों ने भी आपत्ति जताई। सुरेंद्र बाड़िका और पप्पू विलास घाड़गे ने कहा कि पार्षदों के छोटे कार्यों के लिए टेंडर निकाले जाते हैं, जबकि उद्यानिकी विभाग के कामों को कोटेशन से कराया गया, जो दोहरे मानक जैसा है। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि यदि जानकारी अधूरी रह गई हो तो इसे लिखित रूप में प्रदान किया जाएगा। बैठक में पार्षद निधि, सर्वे और कोटेशन के मुद्दों पर चर्चा गर्म रही और पार्षदों ने प्रशासन से जवाब मांगा।







