बंगाल फतह में एमपी मॉडल का असर, सीएम मोहन यादव का 86% स्ट्राइक रेट 7 सीटों पर किया प्रचार, 6 पर खिला कमल, भाजपा की ऐतिहासिक जीत में मध्यप्रदेश टीम की अहम भूमिका

बंगाल फतह में एमपी मॉडल का असर, सीएम मोहन यादव का 86% स्ट्राइक रेट
7 सीटों पर किया प्रचार, 6 पर खिला कमल, भाजपा की ऐतिहासिक जीत में मध्यप्रदेश टीम की अहम भूमिका
भोपाल यश भारत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद मध्यप्रदेश भाजपा का राजनीतिक कद भी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता नजर आ रहा है। बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही भाजपा की इस सफलता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्यप्रदेश भाजपा संगठन की सक्रिय भूमिका चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान पश्चिम बंगाल की सात विधानसभा सीटों पर जनसभाएं और रोड शो किए। इनमें से छह सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इस तरह सीएम मोहन यादव का चुनावी स्ट्राइक रेट 86 प्रतिशत रहा जिसे पार्टी के भीतर बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. यादव ने बंगाल में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत 2 अप्रैल को बांकुरा जिले से की थी। यहां उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन में भाग लेने के साथ विशाल जनसभा को संबोधित किया। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे बांकुरा क्लस्टर में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा हाईकमान ने पश्चिम बंगाल चुनाव में मध्यप्रदेश के पांच वरिष्ठ नेताओं को अलग अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन नेताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी रणनीति को धार देने का काम किया। मध्यप्रदेश से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने भी लंबे समय तक बंगाल में डेरा डालकर चुनाव प्रबंधन संभाला। राजनीतिक जानकारों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति और राज्यों से मिले मजबूत संगठनात्मक सहयोग ने बंगाल में भाजपा की जीत की जमीन तैयार की। खास तौर पर मध्यप्रदेश भाजपा की चुनावी कार्यशैली और कैडर मैनेजमेंट मॉडल को बंगाल में प्रभावी तरीके से लागू किया गया। भाजपा की इस जीत को पार्टी 2026 के सबसे बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देख रही है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बढ़ती राष्ट्रीय सक्रियता को भी पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।







