निगम सदन में गोकशी और राष्ट्र माता प्रस्ताव पर गरमाई बहस – विपक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग तेज

निगम सदन में गोकशी और राष्ट्र माता प्रस्ताव पर गरमाई बहस
– विपक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग तेज
– फोटो कैप्शन.. निगम क़ी बैठक के दौरान अपनी बात रखती पार्षद
– फोटो कैप्शन.. बैठक के दौरान जवाब देती महापौर
भोपाल, यश भारत । नगर निगम परिषद की बैठक सोमवार को गोकशी के मुद्दे और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने के प्रस्ताव को लेकर हंगामेदार रही। सदन की कार्यवाही के शुरुआती दौर से ही माहौल गरमाया रहा, जहां विपक्ष ने गोकशी के मामलों में कार्रवाई को लेकर तीखे सवाल उठाए, वहीं बाद में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा।
नेता प्रतिपक्ष शाइस्ता जकी ने गोकशी के मामलों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि पूर्व में दिए गए आदेशों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी स्पष्ट और विस्तृत जानकारी सदन के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में सामने आए मामलों में ठोस कार्रवाई हुई या नहीं, यह जनता को बताना जरूरी है।
विपक्ष के अन्य पार्षदों ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कार्रवाई की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से असलम चमड़े के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि इसके अलावा किन-किन लोगों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही नगर निगम अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाने की मांग की गई।
इस पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने जवाब देते हुए बताया कि असलम चमड़े के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने कहा कि जब मामला इतना गंभीर है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस हुई और कुछ समय तक कार्यवाही प्रभावित रही।
इसी बीच सदन में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया, जिसमें गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की गई। सदस्यों से अपील की गई कि सर्वसम्मति से एक संकल्प पत्र तैयार कर इसे राज्य विधानसभा को भेजा जाए। कई पार्षदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा विषय बताया। नगर निगम सदन में उठे मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।







