विज्ञान के रोचक प्रयोगों से विद्यार्थियों ने समझे वैज्ञानिक सिद्धांत

विज्ञान के रोचक प्रयोगों से विद्यार्थियों ने समझे वैज्ञानिक सिद्धांत
भोपाल, यश भारत। राजधानी के आंचलिक विज्ञान केन्द्र में आयोजित ग्रीष्मकालीन विज्ञान कार्यशालाओं का कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। फन फैक्ट्री साइंस टॉय मेकिंग और बायो एक्सप्लोरर्स , डिस्कवरी कैम्प में शामिल विद्यार्थियों ने प्रयोगों और मॉडलों के जरिए विज्ञान को करीब से समझा। फन फैक्ट्री , साइंस टॉय मेकिंग कार्यशाला में बच्चों ने पाइथागोरियन कप, मिनी सिरिंज मोटर, टम्बलिंग टॉय, स्लाइम, पेपर कप झूमर और सीडी जाइरोस्कोप जैसे वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को साइफन क्रिया, विद्युत चुंबकीय प्रेरण, ऊर्जा संरक्षण, गुरुत्व केंद्र और उत्तोलन जैसे सिद्धांतों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। बच्चों ने खेल खेल में विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझा। वहीं बायो एक्सप्लोरर्स डिस्कवरी कैम्प में विद्यार्थियों को जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रयोग कराए गए। माइक्रोस्कोप की सहायता से छात्रों ने दही में मौजूद बैक्टीरिया, यीस्ट की बडिंग प्रक्रिया, पौधों के रंध्र तथा परागकणों का अध्ययन किया। इसके अलावा बैक्टीरिया संवर्धन, एंटीबायोटिक प्रतिरोध और सीरियल डायल्यूशन जैसी तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया। आंचलिक विज्ञान केन्द्र के प्रधान क्यूरेटर एवं केंद्र प्रमुख साकेत सिंह कौरव ने बताया कि 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रम मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के सहयोग से आयोजित होगा, जिसमें नवीन तकनीकों और अनुसंधान आधारित नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. एस. के. गुप्ता करेंगे। विज्ञान केंद्र ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान प्रेमियों से कार्यक्रम में शामिल होकर तकनीकी उपलब्धियों को करीब से देखने की अपील की है।







