वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजेंगे विद्यार्थी, 22 सितंबर से लगेगा भोपाल विज्ञान मेला

वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजेंगे विद्यार्थी, 22 सितंबर से लगेगा भोपाल विज्ञान मेला
100 से अधिक नवाचार परियोजनाएं होंगी प्रदर्शित, इसरो – सीएसआईआर समेत 53 वैज्ञानिक संस्थाओं की सहभागिता प्रस्तावित
भोपाल यश भारत। विद्यार्थियों को विज्ञान को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने का अवसर देने के उद्देश्य से भोपाल विज्ञान मेला 22 से 26 सितंबर तक बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के साथ मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेले में इस बार वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शित करने के बजाय विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने पर केंद्रित किया गया है।
विज्ञान भारती वर्ष 2012 से भोपाल विज्ञान मेले के आयोजन के लिए सक्रिय है। उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक एवं विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. श्री शेखर मांडे तथा राम मंदिर के वास्तुविद सोमपुरा परिवार के आशीष सोमपुरा उपस्थित रहेंगे। इसी अवसर पर वरिष्ठ वास्तुविद पद्मश्री चंद्रकांत बी. सोमपुरा को ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान 2026 से सम्मानित किया जाएगा।
100 से अधिक नवाचार परियोजनाएं आकर्षण का केंद्र
मेले की विशेष पहल नवाचार संगम में इस वर्ष 100 से अधिक परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। विद्यार्थियों ने कृषि फसल सुरक्षा कृषि उत्पादों के बाजार एवं विपणन हाथ ठेला संचालन, श्रमिक सुरक्षा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अपशिष्ट प्रबंधन तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की समस्याओं को आधार बनाकर तकनीकी समाधान तैयार किए हैं।
आयोजकों के अनुसार विद्यार्थियों को समस्या की पहचान से लेकर उसके विश्लेषण प्रयोग मॉडल निर्माण और व्यावहारिक समाधान विकसित करने की पूरी प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसके लिए उन्हें किसानों श्रमिकों मैकेनिकों और तकनीशियनों सहित संबंधित लोगों से बातचीत कर समस्याओं को समझने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
इसरो सीएसआईआर और आईआईटी समेत 53 संस्थाएं होंगी शामिल
मेले के महाप्रदर्शन में देश की प्रमुख वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थाएं अपने अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगी। करीब 53 वैज्ञानिक संस्थाओं उद्योगों एवं संगठनों की सहभागिता प्रस्तावित है। इनमें इसरो आईआईटी एसीआर सीएसआईआर एमपीएसटीसी राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र आरआरसीएटी एनटीपीसी आई सीआईएल और जेल सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
एमपीसीएसटी की ओर से रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन में विभिन्न शिल्पकारों नवाचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यों का 45 स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शन किया जाएगा।
वैज्ञानिकों से सीधे सवाल कर सकेंगे विद्यार्थी
मेले में सीधा संवाद कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। वे विज्ञान अनुसंधान तकनीक और वैज्ञानिक करियर से जुड़े सवाल विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। वहीं मेला दर्शन कार्यक्रम के तहत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को विज्ञान मेले का भ्रमण कराया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि भोपाल विज्ञान मेला कई वर्षों से विद्यार्थियों शिक्षकों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ने का मंच उपलब्ध करा रहा है। इस वर्ष आयोजन का प्रमुख जोर वैज्ञानिक ज्ञान को समाज की वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान में बदलने और विद्यार्थियों में नवाचार की सोच विकसित करने पर रहेगा।







