पुलिस अधिकारी के बिगड़ैल बेटे को बचाने में जुटी शाहपुरा पुलिस

पुलिस अधिकारी के बिगड़ैल बेटे को बचाने में जुटी शाहपुरा पुलिस
आईजी के पोते के बाद एसडीओपी का बेटा भी फुटेज में, पुलिस बोली- पहचान नहीं हो रही
भोपाल,यशभारत: राजधानी में 20 नवंबर को शाहपुरा थाना क्षेत्र की वाइसरॉय कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ और हमले की घटना में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में जहां पहले रिटायर्ड आईजी के पोते अर्जुन चतुर्वेदी का नाम सामने आया था, वहीं अब ब्यावरा के एसडीओपी प्रकाश शर्मा के बेटे सुयश शर्मा के शामिल होने के स्पष्ट प्रमाण मिलने के बावजूद पुलिस उसे बचाने में जुटी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के सीसीटीवी फुटेज में सुयश शर्मा हाथ में डंडा लिए साफ तौर पर नजर आ रहा है। बावजूद इसके, शाहपुरा थाना पुलिस ने न तो उसका नाम एफआईआर में दर्ज किया है और न ही कोई गिरफ्तारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे फुटेज से आरोपियों की पहचान कर रहे हैं, जबकि फुटेज में सुयश की उपस्थिति स्पष्ट है। यह बचाने की कोशिश इस हद तक हो रही है कि पुलिस यह तक नहीं मान रही कि सुयश शर्मा घटना के समय मौके पर मौजूद था।
‘आईजी का बेटा हूं’ की धमकी, परिवार दहशत में
वाइसरॉय कॉलोनी में 15 से अधिक बदमाशों ने हमला कर तोड़फोड़ की थी। हमलावर ने कथित तौर पर धमकी दी थी, “आईजी का बेटा हूं… कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस घटना के बाद से पीड़ित विशाखा का परिवार दहशत में है।
अर्जुन के पिता ने भी की पुष्टि
अरेरा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर में अर्जुन के पिता विकास चतुर्वेदी ने बताया था कि कार टकराने के विवाद के बाद अर्जुन को उसके दोस्त सुयश और दक्ष चड्डा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने एक मीडिया समूह से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि सुयश कॉलोनी गया था। अर्जुन, जो पूर्व आईजी पीएन चतुर्वेदी का पोता है, उसके पिता ने बाद में उससे मिलवाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे बचाने की चर्चाएँ भी तेज हो गई हैं।
पुलिस की सफाई
मामले पर शाहपुरा पुलिस का कहना है कि वे 7 और आरोपियों की पहचान कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। मारपीट की पुष्टि होने पर अन्य गिरफ्तारियां की जाएंगी।







