शौर्य की विरासत को नमन,रानी दुर्गावती जयंती पर निकली मशाल यात्रा

शौर्य की विरासत को नमन,रानी दुर्गावती जयंती पर निकली मशाल यात्रा
जबलपुर, यश भारत। वीरता, स्वाभिमान और जनकल्याण की प्रतीक रानी दुर्गावती की 463वीं जयंती पर शहर में श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। नगर निगम और मित्र संघ परिवार द्वारा वर्ष 1971 से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और वीरांगना को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

महापौर जगत बहादुर अनु ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उन्हें सलामी दी गई और उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समाधि स्थल से निकली मशाल, बच्चों और धावकों ने संभाली जिम्मेदारी
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद समाधि स्थल से मशाल यात्रा रवाना की गई। इस यात्रा में बच्चों और धावकों ने हिस्सा लिया और उत्साह के साथ आगे बढ़े। मशाल यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर भंवरताल गार्डन पहुंची, जहां पुनः रानी दुर्गावती को पुष्पांजलि देकर सलामी दी गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और विजेताओं का सम्मान
महापौर ने बताया कि जयंती कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। साथ ही दो दिन पहले आयोजित मिनी मैराथन के विजेता बच्चों को सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास और वीरांगना के योगदान से जोड़ना है।
“रानी दुर्गावती की सोच आज भी समाज को दिशा देती है”
महापौर ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल शौर्य की प्रतीक नहीं थीं, बल्कि उनकी दूरदर्शी सोच का लाभ आज भी समाज को मिल रहा है। जल संरक्षण, ताल-तलैयों की व्यवस्था और खेती से जुड़ी व्यवस्थाएं उनके समय की पहचान रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलने और देश व मातृभूमि के लिए समर्पित रहने का संकल्प लेना चाहिए।







