मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: 41 हजार करोड़ से विकास को रफ्तार, – भोपाल में नया बायपास और तीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: 41 हजार करोड़ से विकास को रफ्तार,
– भोपाल में नया बायपास और तीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
भोपाल, यश भारत । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, डेयरी और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने करीब 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और जनकल्याणकारी निर्णयों को मंजूरी दी। इनमें ग्रामीण रोजगार के लिए 29,619 करोड़ रुपए, पश्चिम भोपाल बायपास के लिए 3,774 करोड़ और मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के लिए 3,272 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रमुख है।
ग्रामीण रोजगार में अब 125 दिन की गारंटी
मंत्रि-परिषद ने ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)-वीबी जी राम जी योजना’ को 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाने का अनुसमर्थन किया। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को अब 100 के बजाय 125 दिन के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। 2026-27 से 2030-31 तक योजना के लिए कुल 26,436 करोड़ रुपए का अनुमानित प्रावधान है, जिसमें राज्यांश 10,574 करोड़ रुपए होगा।
योजना में ग्राम पंचायतें जीआईएस, पीएम गति शक्ति और डिजिटल तकनीक के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करेंगी। पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी, डिजिटल मस्टर रोल और हर छह महीने में सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य किया गया है।
भोपाल को मिलेगा 35.61 किमी का नया बायपास
पश्चिम भोपाल बायपास के 4-लेन निर्माण को 3,774 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। 35.61 किमी लंबा यह बायपास बनने के बाद जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे करीब 21 किमी की दूरी कम होगी और शहर के भीतर यातायात का दबाव भी घटेगा।
बीना क्षेत्र में बनेगा 67 किमी का आर्थिक कॉरिडोर
मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन 4-लेन मार्ग के लिए 3,272 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। करीब 67.11 किमी लंबा यह मार्ग बीना को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेगा। बीना रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड और औद्योगिक इकाइयों के कारण इस मार्ग को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर माना जा रहा है।
आरजीपीवी की जगह तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
तकनीकी शिक्षा में क्षेत्रीय संतुलन के लिए आरजीपीवी का पुनर्गठन कर भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने का फैसला किया गया है। भोपाल में मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन में मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय और जबलपुर में महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
आरजीपीवी से जुड़े 585 संस्थानों और 3.83 लाख से अधिक विद्यार्थियों को संभागवार तीनों विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार में बांटा जाएगा।
डेयरी पर 2,973 करोड़, गांवों में बढ़ेंगी दुग्ध समितियां
दुग्ध उत्पादकों और ‘सांची’ ब्रांड को मजबूत करने के लिए 2,973 करोड़ रुपए की डेयरी विकास योजना मंजूर की गई है। अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का दायरा 7,331 से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक किया जाएगा। दूध का दैनिक संकलन 12 लाख से बढ़ाकर 52 लाख किलो और प्रसंस्करण क्षमता 17.8 लाख से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर करने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के रखरखाव पर 1,404 करोड़
सरकारी चिकित्सा संस्थानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ तथा विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915.77 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे अस्पतालों की मशीनरी, मॉड्यूलर किचन, ऑपरेशन थिएटर सहित अन्य सुविधाओं की मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।
चार जिलों में आयुष कार्यालय, तीन जिलों में सामाजिक न्याय विभाग के नए पद
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के संचालन के लिए 20 नए पदों को मंजूरी दी गई है। वहीं मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालयों के लिए 15 नियमित पद और छह आउटसोर्स पद स्वीकृत किए गए हैं।
मूंग खरीदी की सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत
किसानों को राहत देते हुए पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के मुख्यमंत्री के निर्णय का मंत्रि-परिषद ने अनुसमर्थन किया। मूंग और उड़द का उपार्जन 1 जुलाई 2026 से किए जाने के निर्णय को भी मंजूरी दी गई है।







