रेलवे ई-टिकटों की कालाबाजारी पर आरपीएफ का शिकंजा,कब्जे से 1 लाख 24 हजार 74 रेल ई-टिकट बरामद
रांझी क्षेत्र में रेलवे टिकटों का अवैध कारोबार चल रहा धड़ल्ले से

जबलपुर यशभारत। रेलवे ई-टिकटों की कालाबाजारी पर शिकंजा कसते हुए आरपीएफ ने एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से विभिन्न यात्रियों के नाम पर बनाए गए 74 रेल ई-टिकट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 24 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध रूप से टिकट बनाकर अतिरिक्त रकम वसूलता था। आरपीएफ ने मामला दर्ज कर टिकटों की खरीद-बिक्री के नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और अवैध व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रेलवे सुरक्षा बल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ की टीम ने रेलवे की ऑनलाइन ई-टिकटों का अवैध कारोबार करने वाले एक शातिर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कुल 1,24,549.20 रुपये मूल्य के 74 रेल ई-टिकट और अवैध व्यापार में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण जब्त किए गए हैं।
इस तरह हुआ मामले का खुलासा
आरपीएफ पोस्ट जबलपुर प्रभारी राजीव खरब के निर्देशन में उप-निरीक्षक योगेन्द्र सिंह को मय स्टाफ गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रांझी क्षेत्र में रेलवे टिकटों का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सूचना की तस्दीक और त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने तत्काल छापेमारी की और मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया।आरोपी पूछताछ में उसने अपना नाम सुमित झा (उम्र 35 वर्ष), पिता सुनील झा, निवासी- मकान नंबर 1842, न्यू शोभापुर कॉलोनी, थाना रांझी, जबलपुर बताया। आरपीएफ की गिरफ्त में आया आरोपी दुकान की आड़ में खेल रांझी में सन साइबर कैफे नाम की दुकान चलाता है एवं वह ‘एमपीऑनलाइन और अपनी 6 विभिन्न व्यक्तिगत आईआरसीटीसी यूजर आईडियों का अवैध रूप से उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बनाता था। इसके साथ ही वह मजबूर और जरूरतमंद यात्रियों से प्रति टिकट अंकित मूल्य से 50 से 100 रुपये अतिरिक्त (प्रीमियम) वसूल कर अवैध लाभ कमा रहा था।
आरोपी के कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करने पर कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए,पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अवैध टिकटों की राशि ग्राहकों से नकद लेने के साथ-साथ ऑनलाइन डिजिटल वॉलेट और अपने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करता था। आरपीएफ ने इन सभी डिजिटल पेमेंट मोड और संबंधित बैंक खातों को आगे की वित्तीय जांच के दायरे में ले लिया है।वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आरोपी को बंध पत्र पर रिहा किया गया है। मामले की विस्तृत और आगे की जांच रेसुबल जबलपुर द्वारा की जा रही है।








