जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया

जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया
भोपाल यश भारत। पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया भोपाल चैप्टर द्वारा रविवार को एलएनसीटी यूनिवर्सिटी परिसर में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनसंपर्क और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया, वहीं विशेषज्ञों ने जनसंपर्क लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि वर्तमान समय में जनसंपर्क केवल सूचनाओं के आदान प्रदान तक सीमित नहीं है बल्कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बन चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया के विस्तार ने जनसंपर्क की पहुंच को वैश्विक स्तर तक बढ़ा दिया है जिससे संवाद और अधिक प्रभावी हुआ है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने अपने संबोधन में कहा कि संवाद की शुचिता ही लोकतंत्र की मूल आधारशिला है। जब जनसंपर्क पेशेवर संवेदनशीलता और तथ्यों के साथ समाज तक जानकारी पहुंचाते हैं तब एक स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र का निर्माण होता है। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. नरेन्द्र कुमार थापक ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में जनसंपर्क की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है जो समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर सही दिशा देने का कार्य करता है। समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा, सहायक संचालक निहारिका मीना एवं हिमांशी बजाज को लोक संपर्क सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा वरिष्ठ आंचलिक पत्रकार मुन्ना लाल मिश्रा और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ की रिसर्च एसोसिएट डॉ. बीनम यादव को भी सम्मानित किया गया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए जनसंपर्क एवं मीडिया क्षेत्र में सक्रिय सात महिला पत्रकारों योजना लाड़, निधि परमार, ऋषिता तोमर, कोपल बरखाने, साक्षी त्रिपाठी, राशि श्रीवास्तव और दीप्ति तोमर को अचला एवं उदिता अवार्ड प्रदान किए गए। पीआरएसआई भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सम्मानित अधिकारियों, पत्रकारों एवं मीडियाकर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में कार्यरत सभी लोग नए मानक स्थापित कर रहे हैं और पीआरएसआई भविष्य में भी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ. पंकज मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।






