
जबलपुर, यश भारत। जबलपुर निवासी बैंक पेंशनर एवं फोरम ऑफ बैंक पेंशनर्स एक्टिविस्ट्स (एफबीपीए) के राष्ट्रीय संयोजक जे.एन. शुक्ला ने बैंक पेंशनर्स की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा है कि पेंशन अपडेशन, स्वास्थ्य बीमा और एक्स-ग्रैसिया राशि की समीक्षा जैसे मुद्दों पर वर्षों से कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे देशभर के लाखों बैंक पेंशनर्स प्रभावित हैं।
शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 8 लाख पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए कोई स्थायी विचार-विमर्श मंच नहीं है। फोरम का कहना है कि बैंक पेंशन योजना केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों पर आधारित है और आरबीआई की तरह वेतन संशोधन के साथ पेंशन अपडेट होनी चाहिए, लेकिन पिछले 38 वर्षों से ऐसा नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्टाफ वेलफेयर फंड के बावजूद सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही 8 मार्च 2024 के वेतन समझौते के तहत तय एक्स-ग्रैसिया राशि की वार्षिक समीक्षा भी लंबित है।
जे.एन. शुक्ला ने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर बैंक पेंशनर्स से जुड़े लंबित समझौतों को लागू कराने, स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी संवाद मंच बनाने की मांग की है।







