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ओएफके को मिला 9 लाख शिवालिक हेंड ग्रेनेड का आर्डर प्रति वर्ष सेना को बचेंगे करोड़ों रुपये सेल्फ लाइफ भी 15 वर्ष

जबलपुर यशभारत।भारतीय सेना ने आयुध निर्माणी खमरिया को नवविकसित मल्टी मोड हेंड ग्रेनेड जिसे शिवालिक नाम दिया गया है, इसके बड़ी आपूर्ति के लिए आदेश जारी कर दिया है।इससे सेना को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की बचत होगी वहीं ओएफके को बड़ा उत्पादन लक्ष्य मिल गया है। सबसे अहम बात ये है कि सेना ने इस पर भरोसा जताया है।मल्टी मोड हेंड ग्रनेड शिवालिक को टर्मिनल बैलेस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी और डीआरडीओ द्वारा संयुक्त रूप में विकसित और आयुध निर्माणी खमरिया में निर्मित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार सेना ने ओएफके सीधे 9 लाख हेंड ग्रेनेड आपूर्ति का आदेश जारी किया है।पहले खमरिया में 36-एम विंटेज नाम से हेंड ग्रेनेड बनाया जाता था।लेकिन सेना द्वारा अति विकसित हेंड ग्रेनेड की मांग किए जाने पर टीबीआरएल डिफेंस रिसर्च और डीआरडीओ ने इसे संयुक्त रूप से विकसित किया है।

*अनेक खूबियाँ हैं शिवालिक में*

जानकारों के अनुसार पहले हेंड ग्रेनेड जिसे 36- एम के नाम से जाना जाता है वजनदार और सिर्फ रक्षात्मक मोड में बनता था।जबकि शिवालिक बहुत हल्का होने के साथ सुरक्षात्मक और आक्रामक मल्टी मोड में है। इसके साथ सेफ्टी पिन होने से हमारे सैनिक भी सुरक्षित रहेंगे।पूर्व में हेंड ग्रेनेड कई टुकड़ों में फूटता था जिससे कभी कभी हमारे जवान भी जद में आ जाते थे।लेकिन शिवालिक से हजारों की तादाद में निकली पिनें दुश्मन को नुकसान पहुंचाती हैं मल्टी मोड होने से हमारे सैनिक सुरक्षित रहेंगे। इसके साथ ही इसकी सेल्फ लाइफ 15वर्ष होने से लंबे समय तक सेना के लिए उपयोगी साबित होंगे।

*अनुभव, दक्षता और गुणवत्ता का संगम*

ओएफके अपने स्थापना काल से हेंड ग्रेनेड बनाते आ रहा है लिहाजा उसके पास आठ दशक का अनुभव है।बेहतर ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होने से दक्षता भी भरपूर है।इसी के साथ आधुनिक तकनीक और उच्च मापदंड होने से बेहतरीन गुणवत्ता का संगम माना जा सकताहै।

*इनका कहना है*
निर्माणी को सेना की ओर से शिवालिक नामक नये वर्जन के हेंड ग्रेनेड को 9लाख की संख्या में बनाने का आर्डर मिला है।प्रबंधन और कर्मचारी मिलकर निश्चित ही सेना को समय पर आपूर्ति करेंगे।
आर के कुम्हार
प्रशासनिक अधिकारी/पीआरओ
ओएफके जबलपुर

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