परमाणु ऊर्जा : रोझौही में 2800 करोड़ से सजेगा न्यूक्लियर पॉवर प्लांट

रीवा । मनगवां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रोझौही में न्यूक्लियर पॉवर प्लांट प्रस्तावित है। यह पॉवर प्लांट टाटा कंपनी लगाने जा रही है। वन विभाग की भूमि और दो गांव की जमीन टाटा कंपनी को न्यूक्लियर पॉवर प्लांट के लिए देने की योजना है। करीब 2800 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा।
इसमें इन्वेस्टमेंट धीरे बढ़ाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट करीब 6 सालों में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के आने से रीवा की अर्थव्यवस्था में भारी भरकम इजाफा होने की उम्मीद है। हालांकि इसके आने के पहले ही विरोध भीशुरू हो गया है। रोझौही में सरकारी जमीन पर आदिवासी काबिज हैं। वह जमीनों पर बसे हुए हैं। उन्हें सरकार से पट्टा भी मिला है और कई अवैध तरीके से जमे हुए हैं। इन्हें ही विरोधी हथियार बना लिए हैं। उन्हें जमीन छीनने का डर दिखाकर विरोध किया जा रहा है। पिछले एक महीने से लगातार विरोध किया जा रहा है। इस विरोध में कांग्रेस के नेता भी कूद पड़े थे। आप नेता ने जलसत्याग्रह किया तो उनकी हालत खराब हो गई। इसके कारण प्रशासन की मदद से अस्पताल में भर्ती हुए फिर नहीं लौटे। इन विरोध की आग के बीच प्रशासन और सरकार धीरे धीरे न्यूक्लियर पॉवर प्लांट की स्थापना को लेकर काम आगे बढ़ा रही है। इसमें सांसद ने भी जोर आजमाश की है।
उन्होंने दिल्ली में रौझौंही पॉवर प्लांट को लेकर केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। उन्हें प्लांट से संबंधित समस्याओं और उनके निराकरण की तरफ ध्यान आकृष्ट कराने को लेकर पत्र भी सौंपा है। डॉ जितेन्द्र सिंह विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य म ंत्री हैं। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री कार्यालय , कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाण ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री का कार्यभार सम्हाल रहे हैं। डॉ जितेन्द्र सिंह एक डॉक्टर हैं। उन्होंने डायबिटीज और एंडोक्राइनोलॉजी से एमडी की है। उन्होंने चेन्नई से एमबीबीएस और जम्मू से एमडी की है। सांसद ने केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने न्यूक्लियर पॉवर प्लांट को लेकर उनसे चर्चा की। न्यूक्लियर पॉवर प्लांट जहां स्थापित हो रहा है। वहां कई आदिवासी परिवार भी बसे हुए हैं। प्लांट लगने से वह भी प्रभावित होंगे। उनकी समस्याओं की तरफ सांसद जनार्दन मिश्रा ने केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। इसकी जानकारी उन्होंने अपने फेसबुक पर भी साझा की है। वह केन्द्रीय मंत्री को रोझौही में पॉवर प्लांट लगाए जाने पर आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। ग्रामीणजनों की समस्याओं, हितों और भविष्य को ध्यान में रखकर समुचित व्यवस्था सुनिश्चि करने की मांग की गई है।







