आज शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ शुभ योगों का संयोग, वृषभ, कन्या और मकर राशि वालों को आर्थिक लाभ के संकेत

जबलपुर,यशभारत। शरद पूर्णिमा के अवसर पर इस वर्ष 25 अक्टूबर को कई शुभ योगों का संयोग बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का प्रभाव विशेष माना गया है। मान्यता है कि इन योगों में पूजा-पाठ, जप और धार्मिक अनुष्ठान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। शरद पूर्णिमा को चंद्रमा की सोलह कलाओं से परिपूर्ण होने की मान्यता के कारण भी विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने और अगले दिन उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर बनने वाले शुभ संयोगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए अनुकूल रह सकता है। विशेष रूप से वृषभ, कन्या और मकर राशि के जातकों को आर्थिक मामलों, नौकरी और कारोबार में लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। कन्या राशि के जातकों को लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद रह सकती है। परिवार में माता-पिता का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक वातावरण अनुकूल रह सकता है। हालांकि, विवादों से दूर रहने और किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मकर राशि के जातकों के लिए भी शरद पूर्णिमा का दिन सकारात्मक संभावनाओं वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।
शरद पूर्णिमा के विशेष मुहूर्त
यशभारत अरुणोदय पंचांग के रचयिता ज्योतिषाचार्य पं. लोकेश व्यास के अनुसार, भद्रा काल सुबह 11.42 बजे से रात 10.32 बजे तक रहेगा। खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने के लिए रात 10.32 बजे के बाद का समय बताया गया है। वहीं, कोजागरी लक्ष्मी पूजा का शुभमुहूर्त रात 11.32 बजे से 12.28 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात दूध और चावल से बनी खीर को चांदनी में रखने की परंपरा है। माना जाता है कि चंद्रमा की किरणों के संपर्क में रखने के बाद खीर ग्रहण करना शुभ होता है। इस अवसर पर श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं।








