राजधानी में नवरात्रि की धूम, विराजी मां दुर्गा

राजधानी में नवरात्रि की धूम, विराजी मां दुर्गा
– बाजारों में बढ़ी रौनक, अष्टमी-नवमी पर उमड़ेगी भीड़
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यश भारत, भोपाल। शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि शुरू होते ही राजधानी भोपाल मां दुर्गा की भक्ति में सराबोर हो गई है। शहर में 1650 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान हो गई हैं। गली-मोहल्लों, कॉलोनियों और प्रमुख बाजारों में सजे पंडालों में धार्मिक उत्सव की रौनक दिखाई देने लगी है। कहीं भव्य मंदिरों की प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं, तो कहीं पौराणिक कथाओं को आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है। रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा, विशाल प्रतिमाएं और अलग-अलग थीम पर तैयार पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। नवरात्रि के साथ ही बाजारों में खरीदारी का दौर भी तेज हो गया है।
राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में दुर्गा उत्सव समितियों ने इस बार विशेष तैयारियां की हैं। 10 नंबर मार्केट में दुबई के प्रसिद्ध मिरेकल गार्डन की तर्ज पर पंडाल सजाया गया है। न्यू मार्केट में समुद्र मंथन की पौराणिक कथा पर आधारित झांकी आकर्षण का केंद्र है। वि_ल मार्केट हाट बाजार में गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गई है, जबकि जंबूरी मैदान में उत्तराखंड के केदारनाथ धाम का भव्य स्वरूप बनाया गया है। विजय मार्केट बरखेड़ा में कैंचीधाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों की झलक दिखाई देगी। बरखेड़ा पठानी और नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में भी विशेष धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं।
धार्मिक स्थलों और पौराणिक कथाओं की दिखेगी झलक
नवरात्रि शुरू होते ही भोपाल के प्रमुख बाजारों में खरीदारी का उत्साह बढ़ गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, करोंद और बैरागढ़ सहित अन्य बाजारों में दुकानदारों ने त्योहार की मांग के अनुसार तैयारियां की हैं। पूजा सामग्री, फूल-माला, नारियल, चुनरी, रोली, मौली, अगरबत्ती, दीपक और प्रसाद की दुकानों पर ग्राहक पहुंच रहे हैं। दुर्गा पंडालों की सजावट के लिए रंग-बिरंगी लाइटें, झालरें, कपड़े और अन्य सजावटी सामान की मांग भी बनी हुई है।
गरबा और डांडिया आयोजनों के चलते पारंपरिक परिधानों की खरीदारी भी बढ़ रही है। चनिया-चोली, लहंगे, कुर्ते, पारंपरिक आभूषण और मैचिंग एक्सेसरीज की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है। मिठाई, फल और फूल विक्रेताओं को भी नवरात्रि से दशहरा और दीपावली तक चलने वाले त्योहारी सीजन से उम्मीदें हैं। छोटे दुकानदारों, कारीगरों और अस्थायी स्टॉल लगाने वालों के लिए भी यह समय कारोबार बढ़ाने का अवसर लेकर आया है।
पंडालों के आसपास यातायात प्रबंधन चुनौती
शहर में बड़ी संख्या में दुर्गा पंडाल स्थापित होने से कई इलाकों में यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है। प्रमुख बाजारों और पंडालों के आसपास शाम के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही बढऩे से वाहनों का दबाव भी बढ़ सकता है। संकरी सडक़ों और चौराहों के पास बने पंडालों के कारण स्थानीय रहवासियों और वाहन चालकों को परेशानी होने की आशंका रहती है। ऐसे में पार्किंग की उचित व्यवस्था, आवागमन के रास्ते खुले रखना और आपातकालीन वाहनों के लिए मार्ग उपलब्ध कराना जरूरी होगा।







