ई-बस से जगदीशपुर महल पहुंची मोहन कैबिनेट सादगी और मितव्ययिता का दिया संदेश
मुख्यमंत्री सहित मंत्री और अफसरों ने छोड़ा सरकारी काफिला

भोपाल, यश भारत । मध्यप्रदेश सरकार की आठवीं डेस्टिनेशन कैबिनेट रविवार को ऐतिहासिक जगदीशपुर में शुरू हो गई। मुख्यमंत्री बैठक की सबसे खास बात यह रही कि कि मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य और उनका स्टाफ अपने शासकीय वाहन तथा सुरक्षा काफिले को मुख्यमंत्री निवास पर छोड़कर तीन इलेक्ट्रिक बसों से सामूहिक रूप से बैठक स्थल पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने वाहन कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में खड़े कर ई-बस से यात्रा की। रास्ते में मंत्रिमंडल और अधिकारियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी हुआ साथ ही साथ सांस्कृतिक आयोजनों ने एक अलग ही छटा बिखेरी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों सहित वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने भी इस पहल में भागीदारी निभाई। सरकार ने इस व्यवस्था के माध्यम से ईंधन की बचत, सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक सादगी का संदेश देने का प्रयास किया।
जगदीशपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों का जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। प्रदर्शनी में प्रदेश की समृद्ध आदिवासी विरासत और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
कैबिनेट बैठक चमन महल में आयोजित की जा रही है, उसे भी जनजातीय विरासत की थीम पर सजाया गया है। सभागार में जनजातीय वीर नायकों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे प्रदेश के आदिवासी इतिहास और गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने का संदेश दिया गया।
बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), निजी विश्वविद्यालय संशोधन, मेडिकल विश्वविद्यालय के पुनर्गठन, कोचिंग संस्थानों के नियमन, फायर सेफ्टी कानून सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। सरकार की यह डेस्टिनेशन कैबिनेट प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन और सुशासन के संदेश को भी प्रमुखता से सामने रख रही है।








