मेडिकल कॉलेज गबन मामला : चौथा आरोपी गिरफ्तार, पांचवा आरोपी अब भी फरार
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

जबलपुर,यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की कैश शाखा में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार 456 रुपए की कथित वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में पांच कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस जांच के दौरान चौथे आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि महिला आरोपी साधना चंद्रौल फरार बताई जा रही हैं।
मामले की शुरुआत मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत सक्सेना की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार कैश शाखा में विद्यार्थियों की फीस, ओपीडी, आईपीडी सहित विभिन्न मदों से प्राप्त राशि मनी रसीद बुक (एमआरबी) में दर्ज की जाती थी। इसके बाद यह राशि संबंधित बैंक खातों में जमा किया जाना निर्धारित था। रिकॉर्ड और बैंक में जमा रकम के मिलान के दौरान करीब 1.63 करोड़ रुपए का अंतर सामने आने का दावा किया गया है। मामले में मनोहर केवट, साधना चंद्रौल, भानू सिंह शाक्यवार, अरविन्द धुर्वे एवं विशाल सराठे के नाम सामने आए हैं। गढ़ा थाना पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। पुलिस फरार महिला आरोपी की तलाश के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
गड़बड़ी की अवधि वर्ष 2020 से 2025 के बीच बताई जा रही है। ऐसे में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि इतने लंबे समय तक कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों के मिलान में कथित अंतर सामने क्यों नहीं आया। वित्तीय निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। हालांकि आरोपियों की वास्तविक भूमिका जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।







