
जबलपुर। यशभारत। भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार शुभ संयोगों के साथ मनाया जाएगा। शहर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. नवीन जोशी के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को पड़ रहा है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। वहीं, रक्षाबंधन के दिन चंद्रमा की पूर्ण कलाओं में स्थिति को पारिवारिक और भावनात्मक संबंधों के लिए शुभ माना जा रहा है। इन संयोगों के चलते इस बार का रक्षाबंधन विशेष फलदायी माना जा रहा है।
भद्रा का नहीं रहेगा कोई व्यवधान
पं. नवीन जोशी ने बताया कि रक्षाबंधन पर भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधने से परहेज किया जाता है। इस बार राहत की बात यह है कि भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में दिनभर राखी बांधने में भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा।
सुबह का समय रहेगा विशेष शुभ
ज्योतिषाचार्य पं. नवीन जोशी के अनुसार 28 अगस्त को सूर्योदय के बाद पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। हालांकि, विशेष शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भाई की कलाई पर राखी बांधना और भाई-बहन का एक-दूसरे के प्रति स्नेह व आशीर्वाद प्राप्त करना विशेष शुभ माना गया है।
प्रेम और पारिवारिक सौहार्द का पर्व
रक्षाबंधन केवल रक्षा-सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में विश्वास, प्रेम और पारिवारिक एकता को मजबूत करने का अवसर भी है। इस बार शुभ ग्रह स्थिति और भद्रा से मुक्ति के कारण पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।







