धूम्रपान न करने वालों में भी बढ़ रहा फेफड़ों का कैंसर – एम्स में विशेषज्ञ व्याख्यान में बीमारी के बदलते स्वरूप

धूम्रपान न करने वालों में भी बढ़ रहा फेफड़ों का कैंसर
– एम्स में विशेषज्ञ व्याख्यान में बीमारी के बदलते स्वरूप
– जांच और आधुनिक उपचार की जानकारी
भोपाल, यश भारत । फेफड़ों का कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वाले पुरुषों तक सीमित नहीं रह गया है। महिलाओं, कम उम्र के लोगों और कभी धूम्रपान नहीं करने वालों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। यह जानकारी राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, दिल्ली के वक्ष ऑन्कोसर्जरी प्रमुख डॉ. एल.एम. दारलोंग ने एम्स भोपाल में आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में दी।
एम्स के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग ने विकिरण चिकित्सा, शल्य ऑन्कोसर्जरी और रेडियोडायग्नोसिस विभागों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया। डॉ. दारलोंग ने बताया कि धूम्रपान के अलावा वायु प्रदूषण सूक्ष्म कण भी फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि फेफड़ों के कैंसर और तपेदिक के कुछ लक्षण समान हो सकते हैं, जिससे बीमारी की पहचान में देरी संभव है। लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।







