लोकायुक्त की कार्रवाई: नापतोल विभाग का प्रभारी उप नियंत्रक और सेवानिवृत्त निरीक्षक 1 लाख की रिश्वत लेते धराए

लोकायुक्त की कार्रवाई: नापतोल विभाग का प्रभारी उप नियंत्रक और सेवानिवृत्त निरीक्षक 1 लाख की रिश्वत लेते धराए
भोपाल, यशभारत। लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नापतोल विभाग के एक सेवानिवृत्त निरीक्षक को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत नापतोल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक के कहने पर ली जा रही थी। लोकायुक्त ने इस मामले में प्रभारी उप नियंत्रक और सेवानिवृत्त निरीक्षक दोनों को आरोपी बनाया है। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग भोपाल द्वारा अंजाम दी गई।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के अनुसार, आवेदक अमित सिंह बघेल संचालक, बी पी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप, एम पी नगर जोन 2, भोपाल ने बीते 24 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि नापतोल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक एवं निरीक्षक नसीमुद्दीन ने उनके पेट्रोल पंप की मशीनों की जांच कर तीन नोजल बंद कर दिए थे और एक विभागीय प्रकरण बना दिया था। इस केस के निराकरण और मशीनों की दोबारा स्टैम्पिंग करने के एवज में प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन द्वारा आवेदक से 4 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, गुरुवार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देना तय हुआ। आरोपी नसीमुद्दीन ने इस राशि को कलेक्ट करने के लिए नापतोल कार्यालय के ही सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल को भेजा।
एम पी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास इंडियन कॉफी हाउस के सामने जैसे ही सेवानिवृत्त निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल ने आवेदक से 1 लाख रुपये की रिश्वत ली, वैसे ही वहां घात लगाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी नसीमुद्दीन और रिश्वत लेते पकड़े गए हरिप्रसाद पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त टीम की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी थी।







