जाटव की स्वागत रैली, पूर्व में दिखी तकरार

जबलपुर यश भारत। मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा नेता कैलाश जाटव का शुक्रवार को पहला नगर आगमन हुआ जहां उनके स्वागत रैली शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरी । कई जगह राजनीतिक स्तर पर तो कई जगह सामाजिक स्तर पर उनका स्वागत किया गया लेकिन पूर्व विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक तकरार साफ दिखाई दी जहां कई जगहों पर पार्टी पदाधिकारी पार्टी व कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया वहीं उनके ग्रह विधानसभा छेत्र में स्वागत पार्टी स्तर पर फीका सा देखा ।जहां पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक के साथ-साथ भाजपा नगर अध्यक्ष ने इस पूरे कार्यक्रम से दूरी बनाई जो की चर्चा का विषय रहा।
संभावनाओं का है खेल
क्योंकि पूर्व विधानसभा सीट वर्तमान में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और जातिगत समीकरणों के आधार पर यह मानकर चला जा रहा है कि परिसीमन के बाद भी यह क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए ही आरक्षित रहेगा ऐसे में कैलाश जाटव पहले अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष थे और अब आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद उनका कद कहीं ना कहीं बड़ा है ऐसे में पूर्व क्षेत्र की राजनीति करने वाले बड़े नाम उन्हें प्रतिद्वंदी के रूप में देख रहे हैं जिसके चलते इस तरह की दूरियां नजर आ रही है। हालांकि कार्यक्रम को लेकर बताया जा रहा है कि शहर के सभी प्रमुख पार्टी पदाधिकारी व प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के बारे में सूचना दी गई थी साथ ही साथ भाजपा मुख्यालय द्वारा भी स्वागत रैली को लेकर जानकारी प्रेषित करने की बात कही जा रही है।
इस पूरे मामले में सबसे खास बात तो यह है कि कई जगह स्वागत मंचों पर विपक्षी दल के चेहरे भी सामाजिक संगठनों के नाम पर मौजूद रहे लेकिन भाजपा की अंदरूनी तकरार स्वागत रैली के बहाने सड़कों पर साफ दिखाई देने लगी। एक दिन पहले ही एयरपोर्ट पर तू तू में मैं के बाद दूसरे दिन पूर्व की सड़कों पर विरोधाभास और मतभेद साफ दिखाई दिए। सत्ता की चादर ओरेरे पार्टी के यह मत भेद अभी तो ढके हुए हैं लेकिन आने वाले समय में सत्ता की चादर भी इन विवादों को डांक नहीं पाएगी और फिर यह विवाद पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे।





