जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य
JABALPUR NEWS:- मूंग हेरा फेरी मामला:एक गोदाम में मिलती थी मिट्टी दूसरी गोदाम में जमा होती थी मूंग
मझौली के सियाराम वेयरहाउस के नजदीक स्थित माता श्री वेयरहाउस में रखा है मूंग का स्टॉक

JABALPUR NEWS:- जबलपुर यश भारत। मझौली स्थित सियाराम वेयरहाउस में हुई मूंग की हेरा फेरी के साथ-साथ गुणवत्ता में भी जमकर खेल हुआ है। जिसकी एक बानगी तो जांच के दौरान देखने को मिल ही गई है। लेकिन अब उससे भी एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें विश्वस्त सूत्रों व कुछ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि मझौली के रानीताल गांव में स्थित सियाराम वेयरहाउस के नजदीक ही एक दूसरा माता श्री वेयरहाउस है। जिसमें बड़ी मात्रा में मूंग का भंडारा किया गया है। जबकि वह वेयरहाउस मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन से अनुबंधित गोदाम है। जहां जानकारी के मुताबिक लगभग 4000 बोरी धान रखी हुई है । जो की शासकीय माल है। इसके साथ ही इस गोदाम में बड़ी मात्रा में मूंग का भी भंडारण किया गया है। सूत्रों की माने तो यहां पर व्यापारियों द्वारा मूंग खरीद कर लाई जाती थी और फिर उसके बाद उसमें मिट्टी और पत्थर मिलाया जाता था और उसे वहां से उठाकर सियाराम वेयर हाउस में जमा किया जाता था। JABALPUR NEWS:-

कैसे खुल गए गोदाम के ताले
JABALPUR NEWS:- इस पूरे मामले में सवाल उठता है कि उक्त गोदाम मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के साथ डब्लू डी आर ए स्कीम के तहत अनुबंधित है। ऐसे में गोदाम की एक चाबी गोदाम मालिक के पास और दूसरी चाबी सिहोरा ब्रांच मैनेजर के कार्यालय में रहती है। ऐसे में बिना दोनों की सहमति के यहां मूंग का भंडारण नहीं हो सकता है। यश भारत को प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां किसी भी तरह से मूंग के भंडारण को लेकर विभागीय स्तर पर कोई भी अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी, और ना ही यहाँ कोई उपार्जन केंद्र बनाया गया था । ऐसे में सवाल उठता है कि एक शासकीय गोदाम में किस आधार पर किसानों या व्यापारियों की मूग भंडारित कर दी गई। पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सियाराम वेयरहाउस और माता श्री वेयरहाउस एक ही परिवार के हैं।JABALPUR NEWS:-

अधिकारियों को है जानकारी
JABALPUR NEWS:- इस पूरे मामले में माता श्री गोदाम में रखी हुई मूंग के विषय में जांच करने पहुंची टीम को पूरी जानकारी है। लेकिन उन्हें यह बताया गया है कि उक्त गोदाम खाली है और उसका अनुबंध समाप्त हो चुका है। जिसके चलते वहाँ निजी मूंग का भंडारण किया गया है। जिस कारण एसडीम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निजी क्षेत्र में किसी भी तरह की जांच पड़ता नहीं की गई। जबकि वास्तविकता यह है की माता श्री वेयरहाउस का अनुबंध मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग से समाप्त नहीं हुआ है। उसकी एक चाबी अभी भी मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग में जमा है । उसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों को गलत जानकारी दी गई। इस पूरे मामले में सिहोरा ब्रांच की मैनेजर लक्ष्मी ठाकुर से जब उक्त गोदाम के स्टॉक के बारे में जानने की कोशिश की गई तो उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। लेकिन व्हाट्सएप चैट के माध्यम से उन्होंने गोदाम खाली होने की बात कही लेकिन ऑफिस से रिकॉर्ड देखकर पुष्टि करने कहा। समाचार लिखे जाने तक उनके द्वारा कोई भी पुष्टि नहीं की गई। गोदाम संचालक द्वारा अपनी गोदाम में लगभग 4000 बोरी धान व मूग के स्टॉक की बात स्वीकारी गई। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निजी परिसर में स्टॉक देखने को लेकर हीला हवाली की जा रही है। जबकि मूंग के भंडारण को लेकर सरकार द्वारा कैंप लगाया गया है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी शासकीय और निजी परिसर में जाकर मूंग का स्टॉक चेक कर सकते हैं। JABALPUR NEWS:-






