किन्नरों के समूह में शामिल होना आसान नहीं इसलिए छुपकर रहता था अब्दुल – पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां कर रही पूछताछ, डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू

किन्नरों के समूह में शामिल होना आसान नहीं इसलिए छुपकर रहता था अब्दुल
– पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां कर रही पूछताछ, डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू
भोपाल यशभारत। तलैया इलाके में किन्नर बनकर रह रहे बांग्लादेशी नागरिक के संबंध में पुलिस जानकारी जुटाने में लगी हुई है। मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह बांग्लादेशी युवक अब्दुल कलाम आठ साल से किन्नर नेहा के नाम से रह रहा था, लेकिन इसकी भनक पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं लगी ? खास बात यह है कि किन्नरों के समूह में शामिल होना आसान नहीं है इसलिए अब्दुल उनसे छुपकर रहता था। जांच दौरान सामने आया है कि बांगलादेशी नागरिक अब्दुल कलाम ने दलालों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। वह किन्नर नेहा के नाम से सालों से भोपाल में रह रहा था। इसी नाम से उसने अपना पहचान पत्र भी बनवा रखा है।
फर्जी पहचान पत्र को किया जब्त
बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल के फर्जी पहचान पत्र को पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल वह तलैया पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस यह पता लगा लगाने की कोशिश कर रही है कि वह भोपाल में कब से रह रहा है, और किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल तो नहीं है। एडीसीपी जोन-3 शालिनी दीक्षित ने बताया कि यह मामला काफी गंभीर है, इसलिए कार्रवाई को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। अभी किन्नर से पूछताछ की जा रही है।
बांग्लादेश घूमने में जा चुका है
जांच के दौरान सामने आया है कि अब्दुल उर्फ नेहा किन्नर फर्जी दस्तावेज बनवाने के बाद बांग्लादेश घूमने भी जा चुका है। अवैध दस्तावेजों के आधार पर उसने पासपोर्ट सहित भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के तमाम दस्तावेज तैयार कर लिए थे। हालांकि पिछले दिनों अवैध प्रवासियों के खिलाफ चली मुहिम के तहत नेहा किन्नर को चिह्नित कर उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने अभी तक किन्नर के खिलाफ किसी तरह की कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। बताया जाता है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों से भोपाल में डेरा डाल लिया है, और वह किन्नर से लगातार पूछताछ कर रही है।
बांग्लादेश में जुटाई जा रही जानकारी
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तलैया क्षेत्र में रह रहे अब्दुल के संबंध में जानकारी बांग्लादेश से भी जुटाने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। डिपोर्ट प्रक्रिया के तहत पुलिस को यह करना होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रक्रिया के तहत यह देखा जाता है कि संबंधित व्यक्ति उस देश का नागरिक है भी या नहीं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि डिपोर्ट की प्रक्रिया को निर्वासन भी कहा जाता है। यह प्रक्रिया किसी व्यक्ति को देश से बाहर निकालने की होती है। यह तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी देश में अवैध रूप से प्रवेश करता है या फिर वहां रहने की शर्तों का उल्लंघन करता है।
किन्नर समूह में शामिल होना आसान नहीं – तलैया क्षेत्र में बंग्लादेशी नागरिक किन्नर बनकर रहने की जानकारी मिली है। निश्चित तौर पर फर्जी तरीके से रह रहा होगा। भोपाल के तलैया क्षेत्र में किन्नर समूह नही हैं। इस संबंध में पुलिस जांच में सभी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। किन्नर गुरु नेहा बाजी ने बताया कि किन्नरों के समूह में शामिल होना आसान नहीं होता है। महिला किन्नर को ही समूह में शामिल किया जा सकता है। फर्जी किन्नर आम तौर पर ट्रेनों व बस स्टॉप, ट्रेफिक सिग्रल पर दिखाई दे जाते हैं। इन किन्नरों पर हमारी नजर रहती है।
हर पहुल की जांच की जा रही है
तलैया क्षेत्र में रह रहे बंग्लोदशी नागरिक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। सभी सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर पूछताछ कर रही हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित व्यक्ति को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया की जा रही है।
– हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस कमिश्रर, भोपाल







