दीवार के पीछे बन रहा सार्वजनिक शौचालय, प्लानिंग पर फिर उठे सवाल

दीवार के पीछे बन रहा सार्वजनिक शौचालय, प्लानिंग पर फिर उठे सवाल

भोपाल, यश भारत । राजधानी में विकास कार्यों की योजना और जमीन पर उसके क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला वार्ड-40 का है, जहां निर्माणाधीन सुलभ शौचालय के ठीक सामने दीवार खड़ी कर दी गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि शौचालय तैयार होने के बाद भी आम लोग वहां तक पहुंच ही नहीं पाएंगे।
यह पूरा मामला जोन-11 के बाग उमराव दूल्हा और ऐशबाग क्षेत्र का है। इलाके में पहले ही 90 डिग्री एंगल पर बने रेलवे ओवरब्रिज को लेकर काफी विवाद हो चुका है और अब उसी क्षेत्र में शौचालय के सामने दीवार बनने से नगर निगम की योजना और समन्वय पर फिर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर सार्वजनिक सुलभ शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है, वह रेलवे की जमीन से सटा हुआ है। हाल ही में रेलवे ने अपनी सीमा तय करते हुए बाउंड्रीवाल बना दी, जो सीधे शौचालय के सामने आकर खड़ी हो गई। इससे शौचालय तक पहुंचने का रास्ता ही बंद हो गया है।
स्थानीय लोगों की आपत्ति अनसुनी
इलाके के रहवासियों का कहना है कि उन्होंने इस निर्माण को लेकर पहले ही आपत्ति दर्ज कराई थी। 11 फरवरी 2026 को जोनल अधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया गया था कि क्षेत्र में करीब 400 दुकानें संचालित हैं और यहां पार्किंग के साथ-साथ शौचालय की भी जरूरत है, लेकिन प्रस्तावित स्थान उपयोग के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। रहवासियों ने सुझाव दिया था कि पास में मौजूद जर्जर पानी की टंकी को हटाकर वहां सार्वजनिक शौचालय बनाया जाए, जिससे लोगों को सुविधा मिल सके। हालांकि उनकी इस मांग को नजरअंदाज कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
लगातार सामने आ रही योजना संबंधी खामियां
गौरतलब है कि इसी इलाके में बने 90 डिग्री एंगल वाले रेलवे ओवरब्रिज को लेकर भी पहले काफी आलोचना हो चुकी है और फिलहाल उसमें सुधार का काम चल रहा है। अब शौचालय के सामने दीवार खड़ी हो जाने का मामला सामने आने से शहर में विकास कार्यों की प्लानिंग और एजेंसियों के बीच समन्वय पर फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना जमीन की स्थिति स्पष्ट किए और बिना मौके का सही निरीक्षण किए निर्माण की अनुमति कैसे दे दी गई। साथ ही जब स्थानीय लोगों ने पहले ही इस पर आपत्ति दर्ज करा दी थी, तो उसे अनदेखा क्यों किया गया।







