टेंक ओवर हालिंग प्लांट मशीनरी के लिए पहले चरण में 6 सौ करोड़ रुपए का निवेश
इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित होने के बाद प्रति वर्ष 100 टेंक के ओवर हालिंग का लक्ष्य

जबलपुर यश भारत। आगामी 27 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के व्हीएफजे में आगमन को लेकर जानकारों ने बड़ी उम्मीदें जताई हैं। रक्षा मंत्री यहां टी सिरीज के टेंक के ओवर हालिंग प्लांट की आधारशिला रखने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए 6 सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिससे प्लांट एवं मशीनरी स्थापित की जाएगी। दूसरे चरण में टेंक के टेस्ट ट्रेक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भी अभी से प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संभावना है कि रक्षा मंत्री उसका भी भूमि पूजन करेंगे।
आगामी 27 अगस्त को टी सिरीज टेंक टेंक ओवर हाल परियोजना के भूमि पूजन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव, सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, सचिव रक्षामंत्रालय संजीव कुमार, संयुक्त सचिव डा.गरिमा भगत, सीएमडी अध्यक्ष एवं महानिदेशक एवीएनएल सत्यव्रत मुखर्जी, निदेशक वित्त राजीव शर्मा, एवं मुख्य महाप्रबंधक व्हीएफजे प्रवीण कुमार उपस्थित रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक एस के भोला ने दो वर्ष पूर्व एवीएनएल से समन्वय स्थापित कर व्हीएफजे में टेंक ओवर हालिंग प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया था। यूनियन एसोसिएशन से चर्चा कर बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अवाडी स्थित हेवी व्हीकल फैक्ट्री में प्रशिक्षण के लिए भेजा था। उक्त परियोजना को मजबूत आधार देने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से उद्यमियों से चर्चा भी की थी।
बताया जाता है कि दो टेंकों की ओवर हालिंग पूरी होने के बाद सेना ने अपने मानकों पर परीक्षण में उपयुक्त पाया। वर्तमान में 6 टेंक व्हीएफजे में ओवर हालिंग के लिए आ चुके हैं। इस सत्र में 10टेंक के निर्माण के लक्ष्य के साथ जैसे जैसे प्लांट मशीनरी स्थापित होती जाएगी टेंकों के ओवर हालिंग की संख्या बढ़ाते हुए एक सौ टेंक प्रति वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि टी सिरीज के टेंकों की ओवर हालिंग व्हीएफजे में ही की जाएगी ।
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर लगेंगे उद्योग
प्लांट और मशीनरी स्थापित होने के बाद उसके संचालन के लिए मेन पावर की जरूरत होगी। अतः प्रशिक्षित युवकों को रोजगार मिलेगा और इसके साथ ही टेंकों में लगने वाले पुर्जों के लिए सहायक उद्योग की इकाइयां भी लगेंगी। जिससे वहां भी रोजगार के अवसर युवाओं को मिलेंगे। इस तरह शहर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही जिससे शहर की आर्थिक रीढ़ भी मजबूत होगी।टेंक ओवर हालिंग परियोजना को लेकर पहले ही जिला प्रशासन के माध्यम से उद्यमियों से चर्चा की जा चुकी है। बहरहाल रक्षामंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन, व्हीएफजे प्रबंधन तैयारियों में जुट गया है। वहीं उद्यमियों में भी विचार विमर्श शुरू हो गया है। संभावना है कि रक्षामंत्री उद्यमियों से भी चर्चा करेंगे।







