जबलपुरमध्य प्रदेश

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

निर्धारित मार्ग बदलने पर पुलिस ने रोकी कांवड़ यात्रा

जबलपुर,यशभारत। सावन मास के अंतिम सोमवार पर संस्कारधानी पूरी तरह शिवमय नजर आई। शहर के प्रमुख शिवालयों ग्वारीघाट, पचमठा मंदिर और गुप्तेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर और नर्मदा तट ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने नर्मदा में स्नान कर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन किया। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किए गए। अंतिम सोमवार होने के कारण शहर के शिव मंदिरों में विशेष पूजन-अनुष्ठान आयोजित किए गए। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं।

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कांवड़ यात्राओं से शिवमय हुई शहर की सड़कें

सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से कांवड़ यात्राएं भी निकाली गईं। कांवड़ियों के जत्थे भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए निर्धारित मार्गों से आगे बढ़े। यात्राओं को लेकर पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे।

निर्धारित मार्ग बदलने पर पुलिस ने रोकी कांवड़ यात्रा

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मिलौनीगंज चौराहे के समीप उस समय स्थिति कुछ देर के लिए बदल गई, जब एक कांवड़ यात्रा ने निर्धारित मार्ग छोड़कर दूसरे रास्ते से आगे बढ़ने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने यात्रा को रोककर आयोजकों और कांवड़ियों को पूर्व निर्धारित पारंपरिक मार्ग से ही यात्रा निकालने की हिदायत दी। अधिकारियों ने समझाइश देकर व्यवस्था को नियंत्रित किया और यात्रा को निर्धारित मार्ग पर रवाना किया।

मौके पर कोतवाली सीएसपी अखिलेश गौर सहित राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी। मंदिरों और कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा यातायात को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अंतिम सोमवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और निकलीं कांवड़ यात्राओं के चलते शहर में दिनभर धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। आस्था और उत्साह के बीच प्रशासन की निगरानी से व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया गया।

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