शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी की कमी पर एनएसयूआई ने उठाए सवाल 6 कॉलेजों में प्राचार्य और 10 में उप प्राचार्य नहीं, मान्यता दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग
NSUI raises questions over faculty shortage in government nursing colleges Six colleges lack principals and ten lack vice-principals; demand raised for an inquiry into alleged irregularities in accreditation documents.

शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी की कमी पर एनएसयूआई ने उठाए सवाल
6 कॉलेजों में प्राचार्य और 10 में उप प्राचार्य नहीं, मान्यता दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग
भोपाल यश भारत। मध्यप्रदेश के शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की व्यवस्थाओं को लेकर एनएसयूआई ने गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई सरकारी नर्सिंग कॉलेज निर्धारित मानकों के अनुरूप प्राचार्य उप प्राचार्य और शैक्षणिक स्टाफ के बिना संचालित हो रहे हैं। इसे लेकर एनएसयूआई ने रविवार को पत्रकारवार्ता कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की।पत्रकारवार्ता में कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और अधिवक्ता अंशुल तिवारी मौजूद रहे। रवि परमार ने दावा किया कि सत्र 2026 27 की मान्यता के लिए 22 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों ने आवेदन किया था जिनमें से तीन को मान्यता नहीं मिली। इनमें भोपाल का बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज अमरकंटक विश्वविद्यालय अनूपपुर का नर्सिंग कॉलेज और दतिया का शासकीय नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं।
परमार के अनुसार छह शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में प्राचार्य और 10 में उप प्राचार्य का पद रिक्त है। वहीं करीब 15 कॉलेजों में मान्यता नियमों के अनुरूप प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर और ट्यूटर की संख्या पूरी नहीं है। उन्होंने मान्यता आवेदन में कथित फर्जी एवं कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के आरोप भी लगाए। अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि नर्सिंग कॉलेजों की पूर्व जांच में भी कमियां सामने आई थीं। इसके बावजूद सुधार नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि इन अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने कहा कि मान्यता नियमों के तहत 30 सीटों तक के लिए एक प्राचार्य एक उप प्राचार्य दो एसोसिएट प्रोफेसर और तीन असिस्टेंट प्रोफेसर अथवा ट्यूटर आवश्यक हैं। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा।





