दुबई से निवेश का न्योता, एमपी को ग्लोबल इंडस्ट्री हब बनाने का रोडमैप – एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुनिया भर के निवेशकों को दिया आमंत्रण

दुबई से निवेश का न्योता, एमपी को ग्लोबल इंडस्ट्री हब बनाने का रोडमैप
– एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुनिया भर के निवेशकों को दिया आमंत्रण
भोपाल, यश भारत । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित होने के साथ मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक आधार और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण उद्योगों के लिए तेजी से पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी और निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए पूरा प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित विकास और आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव के बीच निवेश के नए रास्ते तलाशना जरूरी है। मध्यप्रदेश खाद्य प्रसंस्करण, एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए तैयार है।
कृषि से टेक्सटाइल तक बड़ा बाजार
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन, गेहूं, दाल, मक्का और मसालों जैसे कृषि उत्पादों का प्रमुख उत्पादक है। यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में प्रदेश खाड़ी देशों के लिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण का विश्वसनीय आपूर्ति साझेदार बन सकता है। कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश से किसानों और उद्योगों दोनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक वस्त्र पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट उद्योग से जोड़ने की संभावनाएं भी बताईं। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण के लिए मजबूत आधार तैयार है।
एमपी पवेलियन में दिखी औद्योगिक ताकत
एआईएम कांग्रेस के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। यहां प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना, लैंड बैंक, निवेश नीतियों और विभिन्न सेक्टरों की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। पवेलियन में चंदेरी और महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी, बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट और ग्वालियर कारपेट जैसे उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए।
डॉ. यादव ने दुबई के ताज होटल में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने से कारीगरों और छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
अरब देशों और अफ्रीका तक पहुंच बढ़ाने की कवायद
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा में सहयोग पर चर्चा की। उन्हें मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।
उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति ताये अत्स्के सेलासी से भी मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश के साथ भारत-इथियोपिया व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बताईं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी का न्योता दिया।
इसके अलावा रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात में सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग की संभावनाओं पर विचार हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएई मध्यप्रदेश के लिए सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंच का महत्वपूर्ण द्वार है। वहीं मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति उसे भारत के विशाल बाजार तक पहुंच का रणनीतिक लाभ देती है। एआईएम कांग्रेस के जरिए प्रदेश ने निवेश, व्यापार और वैश्विक साझेदारी के लिए अपनी संभावनाओं को एक साथ दुनिया के सामने रखा है।







