प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद: पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 5 बच्चियों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग में सजा और 77.64 लाख का जुर्माना

प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद: पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 5 बच्चियों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग में सजा और 77.64 लाख का जुर्माना
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बहुचर्चित पॉक्सो मामलों के विशेष न्यायालय ने पांच नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में मुख्य आरोपी प्यारे मियां को 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी पर कुल 77 लाख 64 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इस गंभीर अपराध में सहयोगी रही राबिया बी को भी 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, करीब 78 वर्षीय प्यारे मियां मासूम बच्चियों को नौकरी और अन्य कामों का झांसा देकर अथवा जन्मदिन मनाने के बहाने अपने पास बुलाता था। इसके बाद वह उनके साथ यौन शोषण करता और कथित तौर पर हिडन कैमरों से वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के इस खौफनाक दौर से तंग आकर मामले की एक पीड़िता ने आत्महत्या तक कर ली थी।
11 जुलाई 2020 को हुआ था मामले का खुलासा
यह पूरा मामला 11 जुलाई 2020 की रात तब सामने आया था, जब पुलिस को पांच बच्चियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थीं। इसके बाद शुरू हुई गहन जांच में बच्चियों के शोषण से जुड़े गंभीर खुलासे हुए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी राबिया बी बच्चियों को बहला-फुसलाकर और झांसे में लेकर प्यारे मियां तक पहुँचाने में उसकी मदद करती थी।
गौरतलब है कि आरोपी प्यारे मियां के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इससे पहले 7 मार्च 2022 को भी एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म और पीड़िता के गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने के मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इस ताजा फैसले को बाल अधिकारों की रक्षा और न्याय की दिशा में एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण न्यायिक कदम माना जा रहा है।







