गलत अनुपालन प्रतिवेदन पर हाईकोर्ट सख्त, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर ₹25 हजार का व्यक्तिगत जुर्माना
जबलपुर,यश भारत

जबलपुर,यश भारत। 24 जून। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने अवमानना प्रकरण में राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत गलत अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ₹25 हजार का व्यक्तिगत जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह राशि संबंधित अधिकारी स्वयं वहन करेंगी और इसे सरकारी खजाने से समायोजित नहीं किया जाएगा।
यह मामला याचिकाकर्ता मनीष व्यास एवं अन्य की अवमानना याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुईं और स्वीकार किया कि 16 जून 2026 को प्रस्तुत अनुपालन प्रतिवेदन त्रुटिवश दाखिल किया गया था। साथ ही 11 जून 2026 का गलत आदेश संलग्न होने की बात भी स्वीकार की गई और प्रतिवेदन वापस लेने की अनुमति मांगी गई।न्यायालय ने यह भी दर्ज किया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में संबंधित पक्षों को नियमितीकरण पर विचार करने के आदेश थे, जबकि विभाग ने केवल स्थायी कर्मी घोषित करने का आदेश पारित किया, जो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नहीं पाया गया।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि वरिष्ठ पद पर रहते हुए इस प्रकार का अनुपालन प्रतिवेदन गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। हालांकि अधिकारी द्वारा बिना शर्त क्षमा याचना किए जाने पर अदालत ने प्रतिवेदन वापस लेने की अनुमति दे दी, लेकिन ₹25 हजार का व्यक्तिगत दंड लगाया।राज्य शासन की रिट अपील लंबित होने के कारण अवमानना याचिका की अगली सुनवाई जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है। सुनवाई में अतिरिक्त महाधिवक्ता जानवी पंडित तथा याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा एवं आशीष तिवारी उपस्थित रहे।







