19 जून सोमवार उदया तिथि में गुप्त नवरात्रि प्रारंभ होंगी ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास

शास्त्रों के अनुसार हिंदू नव वर्ष में 4 नवरात्रि का वर्णन है जिसमें चेत और शारदीय नवरात्र प्रगट नवरात्र है जबकि आषाढ़ और माघ महीने में गुप्त नवरात्रि आती है इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 19 जून को उदया तिथि में प्रारंभ हो रही है गुप्त नवरात्रि में साधक विभिन्न मनवांछित मनोकामनाएं पूर्ण करने हेतु साधनाएं करते हैं गुप्त नवरात्रि जिसे आषाढी नवरात्रि या वाराही नवरात्रि के रूप में भी जाना जाता है आषाढी नवरात्रि देवी वाराही को समर्पित 9 दिनों का त्यौहार है जो इस वर्ष 19 जून से 28 जून तक रहेगा श्री दुर्गा सप्तशती के साथ-साथ संपुट मंत्र के सही प्रयोग से व्यक्ति की सिद्धि उच्च कोटि की होती है और देवी की कृपा से असंभव को भी संभव किया जा सकता है गुप्त नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का संपुट पाठ व्यक्ति को मनचाहा जीवनसाथी तनावपूर्ण विवाहित जीवन में सरलता धन लाभ बीमारी भय से मुक्ति कारक और मनोवांछित फल की प्राप्ति देने वाला होता है गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधकों के लिए और भौतिकवादी समस्याओं को हल करने के लिए बहुत ही शुभ होती है उपवास रखकर मंत्रों और श्लोकों का जाप कर कर भक्त देवी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा समर्पण और सम्मान प्रकट करते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास ने बताया गुप्त नवरात्रि में देवी की 10 महाविद्याओं महा शक्तियों की विशेष पूजा की जाती है जो साधकों को अलौकिक अलौकिक सुख एवं समस्त प्रकार के ऐश्वर्य आनंद को प्रदान करने वाली होती है 10 महाविद्याओं के नाम इस प्रकार हैं काली तारा छिन्नमस्ता षोडशी भुवनेश्वरी त्रिपुर भैरवी धूमावती बगलामुखी मातंगी और कमला पूजन विधि में कलश स्थापना पूजन प्राण प्रतिष्ठा सोडा सूप चर पूजन संपुट श्री दुर्गा सप्तशती पाठ 1008 नामावली वृहद श्री नव रण मंत्र जप पूर्णाहुति होम और विसर्जन शामिल है आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्रि तांत्रिक पूजा के लिए भारत के कई राज्य में विशेष सिद्धियों के लिए साधकों द्वारा विशेष पूजन किया जाता है ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास में जानकारी दी की देवी दुर्गा संकट के निवारण के लिए जानी जाती हैं व्यक्तियों के प्रति देवी दुर्गा हमेशा दया स्वरूप में रहती हैं सभी भक्तों को नवार्ण मंत्र ऐ ह्रीं क्लीं चामुण्डा ये वि च्चे या अपने स्वयं के संरक्षक देवता का जाप अधिक से अधिक गुप्त नवरात्रि में करना चाहिए गुप्त नवरात्रि में पूजन ब्राह्मणों को दान करने का विशेष फल मिलता है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में इस वर्ष उदया तिथि 19 जून को कलश स्थापना का मुहूर्त 2 घंटे से भी अधिक रहेगा जो कि 5:20 से 7:25 तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना एवं पूजन किया जा सकता है
ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास की भविष्यवाणी पुनः सच साबित हुई विदित है कि वर्तमान में चक्रवात बिफर जाय पूरे महाराष्ट्र और गुजरात में तबाही मचा रहा है यश भारत के 7 जून के प्रकाशित अंक में ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास जी ने स्पष्ट रूप से लिखा था की द्वादश नागों में कर्कोटक नामक नाग योग होने से कुछ प्रांतों में भयंकर समुद्री तूफान और चक्रवात आएगा जोकि पूर्ण रूप से सच साबित हुआ है इसके पूर्व भी ज्योतिषाचार्य पंडित लोकेश व्यास की सभी भविष्य वाणि सच साबित हुयी है ज्योतिष को वेदों का नेत्र कहा गया है और आज के इस भौतिक संसार में ज्योतिष की प्रमाणिकता हमेशा से सच साबित होती रही है







