डिपो से निकलते ही गैस की चोरी, 20 किमी का सफर 13 घंटे में तय कर उड़ाई गई 40 सिलेंडरों से गैस

डिपो से निकलते ही गैस की चोरी, 20 किमी का सफर 13 घंटे में तय कर उड़ाई गई 40 सिलेंडरों से गैस
बिना सील तोड़े सिलेंडरों से निकाली गई 2-2 किलो गैस, ग्वालियर का ट्रांसपोर्टर रडार पर
भोपाल, यशभारत। राजधानी में घरेलू गैस की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंडियन ऑयल डिपो से गैस एजेंसी के गोदाम जा रहे एक ट्रक से बड़े पैमाने पर गैस चोरी पकड़ी गई है। खाद्य विभाग की टीम ने घेराबंदी कर जब एक ट्रक की जांच की, तो पता चला कि डिपो से मात्र 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रक चालक ने 13 घंटे लगा दिए और इस दौरान 40 से अधिक सिलेंडरों में सेंध लगा दी।
तकनीक ऐसी कि सील भी नहीं टूटी
हैरानी की बात यह है कि गिरोह ने सिलेंडरों की सील को बिना नुकसान पहुँचाए गैस निकाल ली। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है जो विशेष उपकरणों के जरिए सील से छेड़छाड़ किए बिना गैस चोरी करने में माहिर है। मौके पर एक-एक सिलेंडर का वजन कराया गया, जिसमें बड़ी गड़बड़ी पुष्ट हुई है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
जांच के दौरान करीब 40 सिलेंडरों में गैस कम पाई गई। प्रति सिलेंडर 1.5 से 2.5 किलो तक गैस गायब थी। ट्रक डिपो से निकलने के बाद 13 घंटे तक रास्ते में खड़ा रहा, जबकि यह सफर आधे घंटे का था। यह ट्रक ग्वालियर के श्री बालाजी ट्रांसपोर्टर का बताया जा रहा है। विभाग ने ट्रांसपोर्टर को तत्काल प्रभाव से तलब किया है।
इनका कहना है
हमें सूचना मिली थी कि डिपो से निकलने के बाद ट्रक रास्ते में रुककर गैस की हेराफेरी कर रहे हैं। औचक निरीक्षण में वजन कम पाया गया है। ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
संदीप भार्गव, असिस्टेंट सप्लाई ऑफीसर
उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा डाका
आमतौर पर एक घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलो गैस होती है। यदि एक सिलेंडर से 2 किलो गैस निकाली जाती है, तो उपभोक्ता को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होता है और साथ ही सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें डिपो या एजेंसी के किसी कर्मचारी की मिलीभगत तो नहीं है।







