
10.99 करोड़ की सरकारी खरीद में फर्जीवाड़ा, एक ही व्यक्ति की चार फर्मों ने आपस में लगाई बोली
EOW ने दर्ज की FIR
भोपाल। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वर्ष 2024 में हुई करीब 10.99 करोड़ रुपए की कंप्यूटर, प्रिंटर और यूपीएस खरीद में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कथित फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि टेंडर में एक-दूसरे की प्रतिद्वंद्वी दिख रही चार फर्मों के बीच कथित तौर पर आपसी सांठगांठ थी। आरोप है कि पुराने और घटिया उपकरणों को नया बताकर सप्लाई किया गया और यूपीएस समेत कई सामान ऊंचे दाम पर खरीदे गए। EOW ने जांच के आधार पर रणधीर कुमार पटेल, हेमलता पटेल, अशोक कुमार सिंह और देवेंद्र सिंह सहित अन्य के खिलाफ 1 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया हैजांच में फर्मों के मोबाइल नंबर, ई-मेल और पते में समानताएं मिलीं। चारों फर्में GeM के कई टेंडरों में बार-बार साथ बोली लगाती थीं और उनके रेट भी एक-दूसरे के बेहद करीब रहते थे।
पुराने कंप्यूटर को बताया नया
जांच के मुताबिक विभाग को दिए गए कंप्यूटरों के वारंटी रिकॉर्ड में उनकी इंस्टॉलेशन तारीख 22 जुलाई 2024 दर्ज थी, जबकि विभाग का टेंडर 23 सितंबर 2024 को हुआ। विभागीय कमेटी की जांच में निर्धारित स्पेसिफिकेशन से अलग रैम और Acer की जगह दूसरी कंपनी की SSD मिलने की बात भी सामने आई। कमेटी ने संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की थी।







