नेपाल बाढ़ में भारत की हवाई ताकत, पांचवीं खेप पहुंची

नेपाल बाढ़ में भारत की हवाई ताकत, पांचवीं खेप पहुंची
नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत ने राहत अभियान तेज कर दिया है। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप नेपाल पहुंचाई। बाढ़ के कुछ ही घंटों बाद पहली राहत उड़ान रवाना कर दी गई थी। लगातार भेजी जा रही खेपें भारत की सामरिक हवाई परिवहन क्षमता को भी रेखांकित करती हैं। सामरिक हवाई परिवहन का अर्थ लंबी दूरी तक कम समय में सैनिकों, भारी सैन्य उपकरणों और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री पहुंचाने की क्षमता से है। आपदा हो या युद्ध, यह क्षमता किसी भी अभियान में निर्णायक भूमिका निभाती है।भारत की यह क्षमता नई नहीं है। 1947 में कश्मीर अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना ने श्रीनगर तक सैनिकों और जरूरी सामान को हवाई मार्ग से पहुंचाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुंछ में सड़क संपर्क कटने के बाद भी लंबे समय तक सैन्य टुकड़ियों को हवाई सहायता दी गई।
1971 के युद्ध में टांगेल एयरड्रॉप ने भारतीय सेना की रणनीति को मजबूती दी। परिवहन विमानों से पैराट्रूपर्स को दुश्मन की पंक्तियों के पीछे उतारा गया, जिससे पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सैन्य अभियान को निर्णायक बढ़त मिली।गलवान संघर्ष के बाद लद्दाख में भी ताकत दिखाई गई। वायुसेना ने अग्रिम क्षेत्रों तक सैनिकों के साथ टैंक, तोप और जरूरी सैन्य सामग्री पहुंचाई। कोरोना काल में भी इसी परिवहन क्षमता का इस्तेमाल देश-विदेश में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया गया।







