प्रसुता की मौत के बाद अस्पताल में प्रशासनिक सर्जरी : अधीक्षक को हटाया, डीन सुरक्षित

रीवा । संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा थे। इन्हें लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की अवर सचिव ने आदेश जारी कर हटा दिया । उनकी जगह पर सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ प्रियंक शर्मा को अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस आदेश से यह तो स्पष्ट हो गया है कि डॉ राहुल मिश्रा को अधीक्षक की कुर्सी से क्यों हटाया गया है। डॉ राहुल मिश्रा को भी कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में बली का बकरा बनाया गया है । वहीं दूसरी तरफ श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर सुनील अग्रवाल पूरी तरह से सुरक्षित है ।
उनकी कुर्सी पर किसी तरह की आंच नहीं आई जबकि मेडिकल कॉलेज की सारी जिम्मेदारी डीन की ही होती है । सबसे पहली कार्रवाई डीन डॉक्टर सुनील अग्रवाल पर ही होनी चाहिए थी। इसके पहले भी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की शिकायत और जांच के बाद तत्कालीन डीन डाक्टर देवेश सारस्वत और अधीक्षक रहे डाक्टर अवतार सिंह को हटा दिया गया था। इस मामले में एक तरफा कार्रवाई की गई है। इसे लेकर कर्मचारियों में भी गुस्सा व्याप्त है।
हटवा निवासी कल्पना मिश्रा पति अमित मिश्रा की जान नहीं बच पाई लेकिन अधीक्षक रहते डॉक्टर राहुल मिश्रा ने पूरी कोशिश की थी कि उसकी जान बचाई जा सके। वह अस्पताल में मौजूद रहे और हर संभव प्रयास भी किये थे। हालांकि जच्चा-बच्चा की जान नहीं बच पाई थी।अधीक्षक डॉ राहुल मिश्रा के हटने के पीछे भी डीन डॉक्टर सुनील अग्रवाल का ही हाथ माना जा रहा है। डा प्रियंक शर्मा को अधीक्षक की कुर्सी मिलने के पीछे डीन की ही चाल मानी जा रही है । डीन उनके खास लोगों में से एक हैं । जब भी वह छुट्टी में जाते हैं तो प्रभार डॉक्टर प्रियंका शर्मा को ही मिलता है । अब यही मौका था कि अधीक्षक को हटाकर अधीक्षक की कुर्सी अपने खास सर्जरी विभाग के ही प्रियंक शर्मा को दिलाया जाए और वह अपनी चाल में कामयाब भी हो गए। सर्जरी विभाग से ही डीन हैं और अधीक्षक भी इसी विभाग से बन गये हैं।







