संतान सुख की कामना में माताओं ने रखा हरछठ व्रत
रिमझिम बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था, पूजन सामग्री की खरीदारी से गुलजार दिखा बाजार

संतान सुख की कामना में माताओं ने रखा हरछठ व्रत
रिमझिम बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था, पूजन सामग्री की खरीदारी से गुलजार दिखा
बाजार
कटनी, यशभारत। संतान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना को लेकर शहर सहित ग्रामीण अंचलों में माताओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ हलषष्ठी (हरछठ) का व्रत रखा। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व में महिलाओं ने भगवान बलराम और हरछठ माता का विधिवत पूजन कर संतान के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
पर्व की परंपरा के अनुसार व्रती महिलाओं ने प्रात: स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए और व्रत का संकल्प लिया। पूजन स्थल पर भैंस के गोबर से बेदी तैयार कर छठी माता का चित्र बनाया गया। भगवान गणेश, माता पार्वती और बलराम जी का पूजन कर हरछठ की कथा सुनी गई और आरती की गई। पूजन में महुआ, पलाश और कांसी-कुश सहित पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया गया। व्रत में हल से जोतकर पैदा किए गए अनाज और सब्जियों का उपयोग नहीं किया जाता, जबकि पसई (तिन्नी) के चावल, महुआ तथा भैंस के दूध-दही से बने पदार्थों को विशेष महत्व दिया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार हरछठ का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्म से जुड़ा है। इसी कारण इस दिन बलराम जी की पूजा का विशेष विधान है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक हरछठ व्रत और पूजन करने से संतान को आरोग्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
रिमझिम फुहारों के बीच बाजार में दिखी पर्व की रौनक
हरछठ को लेकर बाजारों में भी आस्था और उत्साह का रंग दिखाई दिया। दिनभर रिमझिम बारिश होती रही, लेकिन इसकी परवाह किए बिना बड़ी संख्या में महिलाएं पूजन सामग्री खरीदने बाजार पहुंचती रहीं। हाथों में छाता लिए महिलाएं एक दुकान से दूसरी दुकान तक पूजन के लिए जरूरी सामग्री जुटाती नजर आईं। इससे शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल बनी रही।
बांस की टोकनी, मंडप सजाने की सामग्री, पसई चावल, महुआ, पलाश व कांसी के पत्ते, ज्वार की धानी, भुना चना, मिट्टी के दीये, सतनजा सहित अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। कई स्थानों पर सड़क किनारे अस्थायी दुकानें भी सजी थीं। बारिश के बावजूद खरीदारी का सिलसिला देर तक चलता रहा और बाजारों में हरछठ पर्व की रौनक नजर आई।







