राजधानी में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, जांच घटी, संक्रमण बढ़ा – एक साल में पॉजिटिविटी 1 से बढ़कर 1.55%, जुलाई-अगस्त में सामने आए 31 नए केस

राजधानी में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, जांच घटी, संक्रमण बढ़ा
– एक साल में पॉजिटिविटी 1 से बढ़कर 1.55%, जुलाई-अगस्त में सामने आए 31 नए केस
भोपाल, यश भारत । राजधानी में डेंगू की स्थिति इस साल चिंता बढ़ाने वाली है। पिछले साल की तुलना में इस बार डेंगू की जांच कम हुई है, लेकिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वर्ष 2025 में करीब 6366 जांच में 63 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले थे, जबकि 2026 में अब तक 4589 टेस्ट में 71 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। यानी 1777 कम जांच के बावजूद मरीजों की संख्या आठ अधिक है। सबसे अहम बदलाव पॉजिटिविटी रेट में आया है। पिछले साल करीब एक प्रतिशत मरीज पॉजिटिव मिले थे, जो इस साल बढ़कर 1.55 प्रतिशत हो गया है।
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 2025 में हर 100 जांच पर करीब एक मरीज डेंगू संक्रमित मिल रहा था। इस साल यही संख्या बढ़कर 1.55 हो गई है। यानी जांच कराने वालों में संक्रमण मिलने की दर करीब 55 प्रतिशत अधिक हो गई है। इससे संकेत मिलता है कि कम जांच के बावजूद संक्रमण की हिस्सेदारी बढ़ी है।
दो महीने में बढ़े 31 मरीज
भोपाल में जून तक डेंगू के मामले अपेक्षाकृत नियंत्रण में थे। 30 जून तक मरीजों की संख्या 40 से कम थी, लेकिन जुलाई और अगस्त में संक्रमण तेजी से बढ़ा और अब कुल मरीजों की संख्या 71 पहुंच गई है। यानी महज दो महीनों में करीब 31 नए मरीज सामने आए हैं। बारिश के साथ तापमान और मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने से डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है।
कम जांच, ज्यादा पॉजिटिविटी ने बढ़ाई चिंता
दो वर्षों के आंकड़ों की तुलना करें तो तस्वीर साफ है। 2025 में करीब 6,366 टेस्ट में 63 मरीज पॉजिटिव मिले थे, जबकि 2026 में अब तक 4,589 टेस्ट में 71 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। यानी जांच का दायरा घटने के बावजूद संक्रमित मरीज बढ़ गए। पॉजिटिविटी रेट में भी करीब 0.55 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
खाली प्लॉटों में जमा पानी बन रहा खतरा
डेंगू संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने खाली प्लॉटों की निगरानी और जलभराव मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद शहर में कई खाली प्लॉटों में बारिश का पानी जमा है। ऐसे स्थान डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर के प्रजनन के लिए अनुकूल होते हैं। टायर, डिब्बे, गमले, कंटेनर और छोटे गड्ढों में जमा थोड़ा पानी भी मच्छरों के पनपने के लिए पर्याप्त होता है।







