भोपाल

धूप सेंकने तालाब के बाहर निकला घडिय़ाल, रोमांचित हुए पर्यटक 

धूप सेंकने तालाब के बाहर निकला घडिय़ाल, रोमांचित हुए पर्यटक
– वन विहार में सामने आया आकर्षक नजारा
भोपाल यशभारत। वन्यप्राणियों और वन संपदा के संरक्षण के लिए वन विहार प्रबंधन लगतार प्रयास कर रहा है। इन्हीं प्रयासों के तहत वन्यप्राणियों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो वहीं वन संपदा भी लगातार बढ़ रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चीतल, हिरण, मोर सहित अन्य वन्यप्राणियों की संख्या बढ़ी है। वहीं घडिय़ाल परिवार भी स्वच्छंद विचरण कर रहा है। आम तौर पर सुस्त माने जाने वाला घडिय़ाल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वन विहार प्रबंधन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म जरिए धूप सेंक रहे घडिय़ाल का फोटा साझा किया है। इंदौर से सात घडिय़ाल लाए गए हैं जिन्हें अलग अलग जगहों पर रखा गया है। तालाब से निकलकर धूप सेंक रहे घडिय़ाल को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रबंधन के मुताबिक घडिय़ाल के लिए उचित आवास और आहार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिसके कारण रहवास पर आरामदायक परिस्थितियों में घडिय़ाल रह रहे हैं। वन विहार में घडिय़ाल अपने पोखर से बाहर निकल कर जमीन पर आते हैं तब तो इन्हें देखा जा सकता है, लेकिन जब यह पानी में होते हैं तो कई बार वनस्पति और पानी मटमैला हो जाने की वजह से यह नजर नहीं आते। अब इनके लिए पक्का पौंड तैयार किया गया है। इसके आसपास कच्ची जमीन भी रहेगी, ताकि वे धूप लेने के लिए किनारे पर बैठ सकें। अधिकारियों के मुताबिक घडय़िाल स्वच्छ पानी में रहता है इस वजह से पक्का पौंड तैयार करने के बाद किसी तरह की समस्या नहीं आ रही है। वहीं जो तालाब तैयार किया गया है उसमें प्राकृतिक आवास तैयार हुआ है।
दायरे में लगी लंबी घास को छांटा जा रहा
वन विहार में मेन गेट के एंट्रेस के पास 25 मीटर के दायरे में लगी लंबी घास को छांटा जा रहा है। इसके कठोर हो जाने की वजह से यहां के हिरण, सांभर, चीतल आदि इसे नहीं खाते हैं। इसकी जगह पर नर्म और मुलायम घास उगना भी शुरू हो गई है। शाकाहारी जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था भी यहीं से की जाती है। इसके लिए भी तैयारियां चल रही हैं। हाल में यहां पक्षियों के मॉडल लगाने का काम पूरा हो चुका है।
प्रयास किए जा रहे हैं
घडिय़ाल सहित अन्य वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। घडिय़ाल का समूह तालाब में है जो धूप सेंकने के लिए बाहर आता है।
विजय कुमार, फील्ड डायरेक्टर, वन विहार भोपाल

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