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जबलपुर में कोविडः  एक माह 79 टेस्ट में हुए 3 पॉजिटिव, एक की मौत

मृतिका के पति ने कहा 3 साल से सांस की बीमारी से पीड़ित थी पत्नी

जबलपुर,यशभारत। जबलपुर में पिछले एक महीने में 79 लोगों के कोविड-19 टेस्ट किए गए, जिनमें से 3 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए हैं। इन मामलों ने जहां स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है, वहीं मंडला की एक गर्भवती महिला की दुखद मौत ने शहर में नई बहस छेड़ दी है। मृतका के पति ने खुलासा किया है कि उनकी पत्नी पिछले तीन साल से सांस की बीमारी से जूझ रही थीं, जिससे कोविड-19 से हुई इस मृत्यु को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मामलों का विवरण
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पहला कोविड पॉजिटिव मामला कटनी के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग का था। ये बुजुर्ग जबलपुर के आधारताल क्षेत्र में रुके हुए थे और कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां सफल उपचार के बाद वे पूरी तरह से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।दूसरा मामला जबलपुर के ही मदनमहल क्षेत्र से सामने आया। यह मरीज भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। राहत की बात यह है कि उचित इलाज के बाद यह मरीज भी अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है।

गर्भवती महिला की मौत और पूर्व-मौजूदा बीमारी
सबसे दुखद और चिंताजनक मामला मंडला जिले की एक गर्भवती महिला का रहा, जिनकी कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि मृतका के पति ने बताया है कि उनकी पत्नी बीते तीन सालों से सांस संबंधी बीमारी (अस्थमा या सीओपीडी जैसी स्थिति) से परेशान थीं। यह जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से मौजूद गंभीर बीमारी ने कोविड-19 संक्रमण को और घातक बना दिया होगा। सवाल यह भी उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान और निगरानी के लिए पर्याप्त कदम उठाए थे? क्या गर्भवती महिलाओं, खासकर जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो, के लिए विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?

स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां और अपील
यह घटना दर्शाती है कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है, और विशेष रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे कोविड-19 के प्रति सतर्क रहें और प्रोटोकॉल का पालन करें। मास्क का नियमित उपयोग, हाथों की साफ-सफाई और सामाजिक दूरी का पालन अभी भी अनिवार्य है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी गई है।इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने शहर में कोविड-19 के प्रबंधन और उच्च जोखिम वाले मरीजों की देखभाल को लेकर नए सिरे से विचार करने पर मजबूर कर दिया है। प्रशासन को ऐसे मामलों की गहन जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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