भोपाल

कागजों में स्वच्छ, हकीकत में गंदा! रानी कमलापति स्टेशन पर पसरी गंदगी

कागजों में स्वच्छ, हकीकत में गंदा! रानी कमलापति स्टेशन पर पसरी गंदगी
– डस्टबिन कचरे से लबालब, बाहर तक फैला कचरा और दुर्गंध से यात्री परेशान, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

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भोपाल, यश भारत । राजधानी के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की चमक-दमक और आधुनिक सुविधाओं के बीच सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आ रही है। स्टेशन परिसर में जगह-जगह डस्टबिन कचरे से लबालब हैं। कई स्थानों पर कचरा डस्टबिन से बाहर तक फैल गया है। आसपास फैली गंदगी और उठती दुर्गंध के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्वच्छता को लेकर किए जाने वाले दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रानी कमलापति स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री सेवाओं के लिए प्रदेश ही नहीं, देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल किया जाता है। स्टेशन की खूबसूरती और सुविधाओं को लेकर रेलवे की ओर से लगातार बेहतर व्यवस्थाओं का दावा किया जाता है, लेकिन परिसर में भरे पड़े डस्टबिन इन दावों की जमीनी तस्वीर अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं।
डस्टबिन भरने के बाद भी नहीं हुआ कचरे का उठाव
स्टेशन परिसर में कई डस्टबिन अपनी क्षमता से अधिक कचरे से भरे दिखाई दे रहे हैं। कचरा जमा होने के बाद भी समय पर उठाव नहीं होने से यह डस्टबिन के बाहर फैल रहा है। इससे आसपास का क्षेत्र गंदा दिखाई देने के साथ दुर्गंध का माहौल भी बन रहा है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी होनी चाहिए।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री रानी कमलापति स्टेशन पहुंचते और यहां से रवाना होते हैं। ऐसे में कचरे का समय पर न उठना यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बन रहा है। यात्रियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर सफाई की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि डस्टबिन खाली करने और कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आधुनिक स्टेशन की छवि पर पड़ रहा असर
रानी कमलापति स्टेशन को भोपाल की आधुनिक पहचान के तौर पर भी देखा जाता है। यहां आने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन की पहली छवि काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि प्रवेश और यात्री आवाजाही वाले क्षेत्रों में ही कचरा फैला दिखाई दे तथा दुर्गंध महसूस हो तो इससे स्टेशन की पूरी छवि प्रभावित होती है।
यात्रियों का कहना है कि स्वच्छता केवल बड़े अभियानों या निरीक्षणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। डस्टबिन की क्षमता, यात्रियों की संख्या और कचरा उत्पादन को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी और लगातार निगरानी जरूरी है।
यात्रियों ने मांगी जवाबदेही
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि स्टेशन परिसर में डस्टबिन नियमित अंतराल पर खाली कराए जाएं और कचरे का तत्काल उठाव किया जाए। जिन स्थानों पर दुर्गंध की समस्या है, वहां विशेष सफाई और आवश्यक व्यवस्था की जाए। साथ ही सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि समस्या दोबारा सामने न आए।

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