भोपालमध्य प्रदेश

 भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भोपाल में उमड़ी 30 हजार महिलाओं की जन आक्रोश यात्रा

 भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भोपाल में उमड़ी 30 हजार महिलाओं की जन आक्रोश यात्रा

अश्वनी परांजपे की हुंकार- कांग्रेस ने बिल गिराकर जश्न मनाया, अब याचना नहीं रण होगा

मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया भावी पीढ़ी से विश्वासघात

भोपाल, यशभारत। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में सोमवार को राजधानी की सड़कों पर नारी शक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जन आक्रोश महिला पद यात्रा में प्रदेश भर से जुटी करीब 30 हजार महिलाओं ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एमवीएम कॉलेज मैदान से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को सीधे तौर पर महिला विरोधी करार देते हुए आगामी चुनावी रण का शंखनाद कर दिया है।

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अपमान का जवाब रण से देगी मातृ शक्ति
मंच से आक्रामक तेवर दिखाते हुए महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा, कांग्रेस के नेताओं ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को गिराकर जश्न मनाया। यह देश की आधी आबादी के अपमान का प्रतीक है और मातृ शक्ति इसका करारा जवाब देगी। अब याचना नहीं, रण होगा… जीवन या कि मरण होगा। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तीखा सवाल किया कि विपक्ष को बहनों के सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया? उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेसियों के घर और सभाओं में जाकर इस धोखे का जवाब मांगें।

पंचायत से पार्लियामेंट का रास्ता रोकने की साजिश
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बेटियों को संसद में कानून बनाने का हक देना चाहते थे, जिसे विपक्ष ने रोककर भावी पीढ़ी के साथ विश्वासघात किया है। सागर सांसद लता वानखेड़े ने भी सुर मिलाते हुए कहा कि विपक्ष की सोच है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा रहें और तालियां बजाएं, वे नहीं चाहते कि महिलाएं नेतृत्व करें। यह बिल महिलाओं के लिए पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे विपक्ष ने बंद कर दिया।

विशेष बहुमत के फेर में अटका ऐतिहासिक बिल
गौरतलब है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में इस ऐतिहासिक बिल पर वोटिंग हुई थी। बिल में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का क्रांतिकारी प्रावधान था। सदन में पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट आए। हालांकि, नियमानुसार विशेष बहुमत के लिए आवश्यक 352 वोटों का आंकड़ा न मिल पाने के कारण यह बिल गिर गया, जिसे भाजपा अब जन-जन तक ले जा रही है।

दिग्गज महिला नेत्रियों का जमावड़ा और जोश
मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री कृष्णा गौर, राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, सुमित्रा वाल्मीकि, माया नारोलिया और महापौर मालती राय जैसी दिग्गज नेत्रियां मौजूद रहीं। कवियत्री अनामिका जैन अम्बर की ओजस्वी कविताओं ने महिलाओं में जबरदस्त जोश भरा। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाएं हाथ के पंखे लेकर डटी रहीं और नारी शक्ति के सम्मान में, भाजपा मैदान में के नारे लगाती रहीं।

थमी रही राजधानी की रफ्तार
हजारों की भीड़ और पदयात्रा के चलते शहर के मध्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को सुभाष ओवर ब्रिज और प्रभात चौराहे की ओर मोड़ा। बाहरी जिलों से आईं हजारों बसों और गाड़ियों के लिए लाल परेड ग्राउंड, रवींद्र भवन और एमएलए रेस्ट हाउस में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई थी। भाजपा के इस शक्ति प्रदर्शन ने साफ संदेश दिया है कि आने वाले समय में महिला आरक्षण प्रदेश की राजनीति का मुख्य केंद्र बिंदु होगा।

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