बड़ी खबर : गौवंश मामले में हंगामे के बाद प्रशासन का एक्शन :चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मी निलंबित, बंद पड़े 26 कैमरे चालू5 पुलिसकर्मियों की तैनाती से बढ़ाई निगरानी, स्थाई चौकी के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव…. देखे पूरा वीडियो

दमोह। गौवंश की सुरक्षा को लेकर उठे विरोध और शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन ने पुलिस व्यवस्था पर शिकंजा कस दिया है। कार्रवाई की गाज संबंधित चौकी प्रभारी सहित एक पुलिसकर्मी पर गिरी है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही चौकी क्षेत्र में बंद पड़े 26 सीसीटीवी कैमरे चालू कराए गए हैं।
आमजन के ज्ञापन के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कदम उठाते हुए फिलहाल 5 पुलिसकर्मियों की चौकी पर तैनाती की है। इन्हें लगातार गश्त और क्षेत्र की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। स्थाई पुलिस व्यवस्था के लिए चौकी को स्थाई पुलिस चौकी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
26 कैमरे बंद थे, अब निगरानी का दावा
क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाए गए 26 कैमरों के बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने इन्हें चालू कराया। कैमरों के बंद रहने के दौरान क्षेत्र में क्या-क्या हुआ और निगरानी व्यवस्था क्यों ठप थी, यह सवाल भी कार्रवाई के बीच महत्वपूर्ण है। फिलहाल प्रशासन ने सभी कैमरे चालू होने की बात कही है।
सड़क पर मांस विक्रय की शिकायतों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर के मुताबिक एक दिन पहले कार्रवाई की गई थी और अब दोबारा टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अतिक्रमण पर नोटिस, सीमांकन और कार्रवाई
अतिक्रमण की शिकायतों पर नगरपालिका ने संबंधित पक्षों को नोटिस देकर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की और निर्धारित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अन्य शिकायतों पर भी सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने की बात प्रशासन ने कही है।
‘घटना होने का इंतजार नहीं, पहले मिले सूचना’
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पूरे घटनाक्रम से सबसे बड़ा सबक सूचना तंत्र को बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसी घटनाओं या परिस्थितियों की जानकारी घटना बनने से पहले मिलनी चाहिए, ताकि समय रहते बातचीत और समन्वय के जरिए उसका समाधान किया जा सके।







