40 साल बाद भी पक्के मकान का इंतजार, ड्रोन सर्वे में छूटे 50 परिवारों ने लगाई गुहार

सागर, यशभारत l सागर जिले के बीना तहसील अंतर्गत सनाई गांव में चार दशक (40 साल) से रह रहे 50 परिवारों को आज तक अपने ही घरों का मालिकाना हक नहीं मिल सका है। वर्ष 1984 में इंदिरा आवास योजना के तहत पट्टे मिलने के बाद इन परिवारों ने अपने आशियाने तो बना लिए, लेकिन कागजी दस्तावेजों और स्वामित्व के अभाव में आज भी ये भटकने को मजबूर हैं।
मामले की मुख्य वजह वर्ष 2021 में कराया गया ड्रोन सर्वे बताया जा रहा है। उस दौरान केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ के तहत हुए सर्वे में प्रशासनिक लापरवाही के कारण इन 50 परिवारों के नाम दर्ज होने से छूट गए थे। इसके बाद से ही ग्रामीण लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
*लोन और पक्के निर्माण में आ रही बाधाएं*
स्वामित्व कार्ड और रजिस्ट्री न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों से लोन न मिलने के कारण लोग अपने मकानों का पक्का निर्माण या मरम्मत नहीं करा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे इससे पहले भी कई बार प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
हताश ग्रामीणों ने एक बार फिर बीना एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मांग की गई है कि 1984 के पुराने पट्टों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ड्रोन सर्वे में हुई त्रुटि को सुधारकर सभी पात्र परिवारों को उनका मालिकाना हक (स्वामित्व कार्ड) प्रदान किया जाए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
अब देखना यह होगा कि 40 वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे इन 50 परिवारों की सुध कब तक ली जाती है और कब इन्हें अपने आशियाने का वास्तविक मालिकाना हक मिलता है।







