वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कार्रवाई, लापरवाही पर तीन सीएमओ निलंबित

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कार्रवाई, लापरवाही पर तीन सीएमओ निलंबित
भोपाल, यश भारत। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की साप्ताहिक समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पेयजल योजनाओं, स्वच्छ जल अभियान और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर तीन नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को निलंबित कर दिया गया। विभागीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें पेयजल योजनाओं, स्वच्छ जल अभियान, अमृत 2.0 योजना तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश जारी किए।
बैठक में यह पाया गया कि नगर परिषद विजयपुर में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज शर्मा द्वारा स्वच्छ जल अभियान के क्रियान्वयन में अपेक्षित रुचि नहीं ली गई। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन (181) में दर्ज दूषित पेयजल संबंधी शिकायतों का समयसीमा के भीतर निराकरण नहीं किया गया। कई शिकायतें एल-4 स्तर तक पहुंचने के बावजूद समाधान नहीं किया गया, जिसे शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया। इस आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार नगर परिषद भाण्डेर, जिला दतिया में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी हनुमंत भदौरिया के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। समीक्षा में सामने आया कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत चयनित संविदाकार को निर्धारित समयावधि के भीतर स्वीकृति पत्र जारी नहीं किया गया। इसके कारण योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब हुआ। इसे महत्वपूर्ण शासकीय योजना के प्रति उदासीनता और विभागीय निर्देशों की अनदेखी मानते हुए उन्हें भी निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा नगर परिषद बडौनी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत राठौर के कार्यों की समीक्षा में हितग्राही मूलक योजनाओं और स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने की बात सामने आई। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में भी लापरवाही पाई गई। इतना ही नहीं, 13 मई 2026 को आयोजित विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वे बिना पूर्व सूचना और सक्षम अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और जनहित से जुड़े कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







