नाबालिग के हत्यारोपी का जेल से बाहर आते ही शक्ति प्रदर्शन, बोलेरो के बोनट पर बैठकर पी सिगरेट, निकाला वाहनों का काफिला!…. देखें पूरा वीडियो

14 महीने जेल में रहने के बाद मिली जमानत, समर्थकों ने जेल गेट पर फूल-मालाओं से किया स्वागत; बाइक रैली और जश्न का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सतना। हत्या के एक गंभीर मामले में करीब 14 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए 23 वर्षीय मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल का जेल से निकलते ही शक्ति प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया। जेल के दरवाजे पर समर्थकों ने फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया। इसके बाद बोलेरो गाड़ी के बोनट पर बैठकर सिगरेट पीते हुए उसका वीडियो सामने आया। समर्थकों ने वाहनों के काफिले और बाइक रैली के साथ शहर में जश्न मनाया।
मंगलवार देर शाम जेल से निकला यह काफिला बिरला रोड होते हुए सिद्धार्थ कॉलोनी पहुंचा। इस दौरान समर्थकों की भीड़, गाड़ियों का काफिला और बाइक रैली के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। हत्या के मामले में आरोपी रहे युवक के इस तरह सार्वजनिक रूप से जश्न मनाने और शक्ति प्रदर्शन करने को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
नाबालिग की हत्या के मामले में था आरोपी
मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल सत्यम शुक्ला (16) की हत्या के मामले में जेल में बंद था। यह वारदात 4 सितंबर 2025 को कोलगवां थाना क्षेत्र में एफसीआई गोदाम के पास हुई थी। पुलिस के अनुसार, घटना के दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सूर्यप्रताप सिंह एक दुकान पर चाय पीने के लिए रुका था। इसी दौरान बेटू सिंगरौल अपने साथियों वेद मिश्रा और आयुष द्विवेदी के साथ वहां पहुंचा। तीनों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई।
आरोप है कि इसी दौरान आयुष ने सूर्यप्रताप का मोबाइल छीन लिया। मोबाइल वापस मांगने पर वेद ने उस पर गोली चला दी। हालांकि, सूर्यप्रताप झुक गया और गोली उसे नहीं लगी।
बीच-बचाव करने पहुंचे सत्यम को सीने में मारी गोली
विवाद बढ़ता देख 16 वर्षीय सत्यम शुक्ला बीच-बचाव करने पहुंचा। उसने आरोपियों से कट्टा अलग रखने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक, इसी बात पर आरोपी नाराज हो गए और सत्यम के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही सत्यम खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अस्पताल के गेट पर छोड़कर भागे थे आरोपी
घटना के बाद आरोपियों पर घायल सत्यम को अस्पताल पहुंचाने के बजाय बिरला अस्पताल के गेट पर छोड़कर भागने का आरोप है। बाद में परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए रीवा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बेटू सिंगरौल समेत चार आरोपियों को जेल भेजा था। करीब 14 महीने बाद मान सिंह को अदालत से जमानत मिली है। हालांकि, जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है और मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
जमानत के बाद जश्न ने खड़े किए सवाल
एक ओर 16 वर्षीय सत्यम की हत्या का मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है, वहीं दूसरी ओर आरोपी के जेल से बाहर आते ही फूल-मालाओं, गाड़ियों के काफिले और बाइक रैली के साथ किए गए शक्ति प्रदर्शन ने नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपियों के प्रति सार्वजनिक महिमामंडन को सामान्य माना जाना चाहिए? अब इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की भूमिका और आगे की कार्रवाई को लेकर भी निगाहें टिकी हैं।







