भोपालमध्यप्रदेश

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अक्टूबर के बिलों में घटा FPPAS सरचार्ज, 500 यूनिट तक के खर्च पर ऐसे बचेगी जेब

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: अक्टूबर के बिलों में घटा FPPAS सरचार्ज, 500 यूनिट तक के खर्च पर ऐसे बचेगी जेब

भोपाल, यशभारत।  महंगे बिजली बिलों के बोझ तले दबे मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य में बिजली बिलों के साथ वसूले जाने वाले फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की दरों में भारी कटौती की गई है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने इस सरचार्ज को 5.063 फीसदी से धड़ाम से गिराकर सीधे 2.34 फीसदी कर दिया है। यानी उपभोक्ताओं को सरचार्ज में पूरे 2.723 प्रतिशत की बड़ी राहत दी गई है। नई और घटी हुई दरें 23 अक्टूबर से जारी होने वाले बिजली बिलों से लागू हो चुकी हैं।

बिजली कंपनियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सरचार्ज में की गई यह कटौती फिलहाल केवल एक महीने के लिए ही प्रभावी रहेगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि इसका लाभ सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिजली की सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा।

जानिए किस स्लैब में कितनी होगी बचत

FPPAS सरचार्ज घटने से अलग-अलग यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर कितना असर पड़ेगा, आइए इसे आंकड़ों से समझें:

200 यूनिट खपत पर: जिन उपभोक्ताओं को पहले महीनेभर के इस्तेमाल पर 1,213.50 रुपये का भुगतान करना पड़ता था, उनका बिल अब घटकर 1,182 रुपये रह जाएगा। यानी सीधे तौर पर 31.50 रुपये की बचत होगी।
300 यूनिट खपत पर: इस स्लैब के उपभोक्ताओं का बिल 1,954.20 रुपये की बजाय अब 1,903.50 रुपये आएगा। इस पर उन्हें 50.70 रुपये कम चुकाने होंगे।
500 यूनिट खपत पर: भारी खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए यह राहत और बड़ी होगी। इनका बिल 3,475 रुपये से गिरकर 3,385 रुपये पर आ जाएगा, जिससे उन्हें सीधे 90 रुपये की राहत मिलेगी।

क्या कुल बिल में भी ठीक इसी अनुपात में आएगी कमी?

ऊर्जा विशेषज्ञ राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एफपीपीएएस सरचार्ज मुख्य रूप से बिजली खरीद की लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर तय किया जाता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि सरचार्ज में 2.723 प्रतिशत की कटौती का यह कतई मतलब नहीं है कि आपका कुल बिजली बिल भी ठीक उसी अनुपात या प्रतिशत से कम हो जाएगा।

वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि उपभोक्ता की कुल बिजली खपत कितनी है और उस पर मूल बिजली की दरें क्या लागू हैं। भले ही यह राहत सीमित समय यानी एक महीने के लिए है, लेकिन त्योहारी सीजन के बीच बिजली बिल में आई इस हल्की सी गिरावट ने आम जनता को आंशिक राहत जरूर दी है।

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