हरदीप पुरी का नामांकन: विपक्षी विरोध की रणनीति धरी की धरी रह गई, भोपाल में कई कांग्रेसी नेता हिरासत में

हरदीप पुरी का नामांकन: विपक्षी विरोध की रणनीति धरी की धरी रह गई, भोपाल में कई कांग्रेसी नेता हिरासत में
भोपाल, यशभारत। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए विधानसभा भवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के 13 अक्टूबर को दिए गए इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।

नामांकन प्रक्रिया पूरी करने से पहले हरदीप सिंह पुरी ने सुबह सबसे पहले गुरुद्वारे जाकर अरदास की और मत्था टेका। इसके बाद उन्होंने करुणा धाम आश्रम पहुंचकर पीठाधीश्वर गुरुदेव सुदेश शांडिल्य महाराज से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए सामान्यतः 116 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। हालांकि, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान प्रक्रिया में हिस्सा न ले पाने के कारण अब यह चुनावी गणित 229 विधायकों के आधार पर तय होगा। इसके अलावा, बीना से विधायक निर्मला सप्रे की राजनीतिक स्थिति और उनके वोट पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में होने के बावजूद वे लगातार भाजपा के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आती हैं।

विरोध प्रदर्शन की आशंका पर कांग्रेस नेता हिरासत में
केंद्रीय मंत्री के नामांकन को लेकर विपक्षी दल के संभावित विरोध प्रदर्शन को भांपते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने भोपाल में कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इनमें युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, जिला अध्यक्ष अंकित दुबे को हबीबगंज थाने, मोहित सक्सेना को अयोध्या नगर थाने और अमित खत्री को ऐशबाग थाने में बैठाया गया है।






