Top-5कटनीजबलपुरदेशमंडलामध्यप्रदेशमुख्य ख़बरेंमुंबई

महाश्रमण की महायात्रा प्रदर्शनी ने रचा इतिहास, दुर्लभ संग्रह के जरिए आचार्य विद्यासागर जी को दी श्रद्धांजलि

171 अखबारों का ऐतिहासिक संग्रह बना आकर्षण, मुनि-आर्यिका संघ सहित सांसद और महापौर ने किया अवलोकन

जबलपुर, यश भारत। आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के जीवन, त्याग, तपस्या और राष्ट्रव्यापी प्रभाव को समर्पित दो दिवसीय एकल प्रदर्शनी ‘महाश्रमण की महायात्रा’ ने संस्कारधानी में श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा वातावरण निर्मित किया। 26 एवं 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस प्रदर्शनी में आचार्य श्री के जीवन से जुड़ी दुर्लभ वस्तुओं, ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्मृति चिह्नों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आचार्य श्री के व्यक्तित्व तथा उनके आध्यात्मिक योगदान को करीब से जानने का अवसर मिला।

1793188822 WhatsApp Image 2026 10 28 at 17.21.08

प्रदर्शनी का आयोजन आचार्य श्री के प्रति गहरी श्रद्धा और समर्पण की अभिव्यक्ति के रूप में किया गया। इसके प्रस्तुतकर्ता श्रीमती स्वाति जैन और संदीप चौधरी ने आचार्य श्री से जुड़ी यादों और ऐतिहासिक सामग्री को एक स्थान पर संकलित कर उनके जीवन की महायात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। प्रदर्शनी में रखी गई सामग्री ने दर्शकों को भावुक किया और आचार्य श्री के विचारों, साधना तथा समाज पर उनके व्यापक प्रभाव की याद दिलाई।

डाक विभाग के विशेष आवरण और स्मृति सिक्के बने आकर्षण

प्रदर्शनी में भारतीय डाक विभाग द्वारा आचार्य श्री के सम्मान में जारी किए गए विशेष डाक आवरणों का संग्रह प्रमुख आकर्षण रहा। इन आवरणों के माध्यम से आचार्य श्री की राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही भारत सरकार तथा श्रद्धालुओं द्वारा बनवाए गए चांदी और अन्य धातुओं के सिक्के एवं टोकन भी प्रदर्शित किए गए। इन स्मृति चिह्नों में आचार्य श्री के प्रति भक्तों की गहरी आस्था और सम्मान की झलक देखने को मिली।

1793188829 WhatsApp Image 2026 10 28 at 17.21.09 (1)

171 अखबारों में दर्ज है महासमाधि का ऐतिहासिक प्रसंग

प्रदर्शनी का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण हिस्सा आचार्य श्री की महासमाधि से संबंधित दस्तावेजों का संग्रह रहा। इसमें सात अलग-अलग भाषाओं के कुल 171 अखबारों को शामिल किया गया, जिनमें आचार्य श्री के महाप्रयाण के समाचार प्रमुखता से प्रकाशित हुए थे। इन समाचार पत्रों के माध्यम से उनके निधन पर देशभर में व्यक्त की गई श्रद्धा और उनके व्यापक सामाजिक एवं आध्यात्मिक प्रभाव को समझने का अवसर मिला। यह संग्रह आचार्य श्री के जीवन और योगदान को ऐतिहासिक दृष्टि से संजोने का महत्वपूर्ण प्रयास रहा।

मुनि-आर्यिका संघ ने की संकलन प्रयास की सराहना

प्रदर्शनी की गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब मुनि श्री निष्कम्प सागर जी ससंघ, आर्यिका गुरुमती माताजी और आर्यिका दृढ़मती माताजी अपने-अपने संघ के साथ आयोजन स्थल पहुंचे। संतों और आर्यिका संघ ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आचार्य श्री के जीवन से जुड़ी दुर्लभ सामग्री के संकलन की सराहना की। उनके आगमन से आयोजन में आध्यात्मिक वातावरण और अधिक गहरा हुआ। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर आचार्य श्री के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने और उनके आदर्शों को स्मरण करने का माध्यम बना।

1793188838 WhatsApp Image 2026 10 28 at 17.21.09

सांसद और महापौर ने भी किया अवलोकन

आयोजन स्थल पर जबलपुर के सांसद और महापौर भी पहुंचे तथा प्रदर्शनी में संकलित सामग्री का अवलोकन किया। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के सामाजिक महत्व को भी रेखांकित किया। प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का प्रभाव केवल धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों ने समाज के विभिन्न वर्गों को प्रभावित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button