मंडला में जबलपुर के अंतरजिला चोर गिरोह का भंडाफोड़: 6 गिरफ्तार, सोने-चांदी के आभूषण और 80 हजार रुपये नकद जब्त

मंडला। पुलिस अधीक्षक मंडला श्री राजेश रघुवंशी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा एवं एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने शहर में हुई चोरी की चार वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, 80 हजार रुपये नकद सहित अन्य संपत्ति जब्त की गई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र में सितंबर एवं अक्टूबर 2026 के दौरान घरों में घुसकर चोरी की चार घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में अपराध क्रमांक 667/26 के तहत 18 सितंबर को सुरेंद्र कुमार रजक, अपराध क्रमांक 706/26 के तहत 6 अक्टूबर को विशाल कुमार दुबे तथा अपराध क्रमांक 710/26 के तहत 7 अक्टूबर को डॉ. राहुलदेव धार्या की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। इसके अलावा अपराध क्रमांक 699/26 में 8 अक्टूबर की रात डॉ. डॉली चौधरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल मंडला के घर में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात डॉ. डॉली चौधरी अपने पति भूपेंद्र चौधरी के साथ आपातकालीन मरीज को देखने जिला अस्पताल गई थीं। रात करीब 12:55 बजे घर लौटने पर मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी मिली। घर के अंदर दोनों अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। अज्ञात चोर घर से सोने का मंगलसूत्र, नेकलेस सेट, नेकलेस, मांगटीका, नथ, सोने की चेन, हीरे की अंगूठियां, सोने की अंगूठियां, हीरे के कान के आभूषण, सोने के कंगन, ब्रेसलेट, पेंडेंट, चांदी का करधन, पायल, बिछिया, चांदी की चेन, अंगूठी, सिक्का, अरमानी घड़ी, पुराना आईफोन-11 और नकदी चोरी कर ले गए थे। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम से वैज्ञानिक जांच कराकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित प्रकरण में तीन हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। मंडला पुलिस ने निगरानी बदमाशों और अन्य जिलों में सक्रिय अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई।
विवेचना के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर घरों की रेकी करते थे और चोरी के अनुकूल अवसर तलाशते थे। 8 अक्टूबर 2026 को आरोपी कथित तौर पर चोरी के इरादे से जबलपुर से मंडला आए थे। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेकी करने के बाद उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया और फिर जबलपुर लौट गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के कुछ आभूषणों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से जबलपुर निवासी अंकित बेन, शिवम सोनी और लक्की सोनी के माध्यम से कुछ आभूषण गलवाए गए।
इसके बदले उन्हें कुछ राशि दिए जाने तथा चोरी की नकदी आपस में बांटने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में सूरज पिता जवाहरलाल, उम्र 26 वर्ष, निवासी प्रेमसागर, चौकी बाबाजी की बगिया, थाना हनुमानताल, जबलपुर; महेंद्र पटेल उर्फ पिल्लू पिता रामप्रसाद पटेल, उम्र 30 वर्ष, निवासी संजयनगर, आधारताल, जबलपुर; शुभम जायसवाल पिता श्यामजीत जायसवाल, उम्र 29 वर्ष, निवासी बरेला, किसानी मोहल्ला, जबलपुर; अंकित बेन पिता मुकेश बेन, उम्र 26 वर्ष, निवासी भानतलैया, बकरा मार्केट, हनुमानताल, जबलपुर; शिवम सोनी पिता गणेश सोनी, उम्र 26 वर्ष, निवासी कोरी मोहल्ला, हनुमानताल, जबलपुर; तथा लक्की सोनी पिता संतोष सोनी, उम्र 22 वर्ष, निवासी राजीव नगर, चेरीताल, जबलपुर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार महेंद्र उर्फ पिल्लू पटेल के विरुद्ध 17, सूरज के विरुद्ध 25 और शुभम जायसवाल के विरुद्ध 15 प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के कुछ मामलों में दोषसिद्धि हुई है, जबकि कुछ मामलों में वे फरार रहे हैं और अन्य मामलों में जमानत पर हैं। पुलिस द्वारा जब्त संपत्ति में हीरे का एक नग, लगभग 35 ग्राम वजन का सोने का एक टुकड़ा, 80 हजार रुपये नकद, सोने के दो कंगन, सोने का एक ब्रेसलेट, लगभग 750 ग्राम वजन का चांदी का करधन, चांदी का एक खुचना, चांदी का एक लॉकेट, चार बिछिया और चांदी की दो जोड़ी पायल शामिल हैं। मामले के खुलासे और पुलिस कार्रवाई में निरीक्षक शफीक खान, निरीक्षक शैलेंद्र चौरसिया, एफएसएल टीम के सौरभ घोंगडे, उपनिरीक्षक श्रीचंद मरावी, रतन बचावले, लक्ष्मी पुष्कर, प्रधान आरक्षक शिवा, रविन्द्र एवं विकास तथा आरक्षक रमेश, मृदुल, यमुना प्रसाद, प्रियांश, पुनीत, जगदीश, सुरेश एवं सूर्यचंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







